लखनऊ। विधानभवन, लखनऊ में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं विमुक्त जातियों से संबंधित संयुक्त समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में क्षेत्रीय जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में पंचायती राज विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और परिवहन विभाग से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान शिक्षा, पंचायत व्यवस्था, परिवहन सुविधाओं तथा वंचित और कमजोर वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया गया। जनता से सीधे जुड़े इन विषयों को शासन और सदन के समक्ष मजबूती से रखने की बात कही गई।
डॉ. वीरेंद्र यादव ने कहा कि जनता की समस्याओं को सदन और शासन के सामने उठाना जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं और सरकारी व्यवस्थाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए तथा वंचित वर्गों को उनके अधिकार और सम्मान मिलना जरूरी है।
समीक्षा बैठक में पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े विषयों के साथ-साथ उच्च शिक्षा और परिवहन विभाग से संबंधित मामलों पर भी चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में बेहतर व्यवस्था और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि आम जनता को सुविधाओं का लाभ मिल सके।
डॉ. वीरेंद्र यादव ने सामाजिक न्याय और PDA के हक एवं सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जनता के मुद्दों को लगातार सदन और शासन के सामने उठाया जाता रहेगा।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में PDA के हक, सम्मान और सामाजिक न्याय की लड़ाई को और मजबूती देने का संकल्प जारी रहेगा। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाकर उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।
जनता के मुद्दों को प्राथमिकता
इस बैठक के जरिए शिक्षा, पंचायत, परिवहन और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जनप्रतिनिधित्व के केंद्र में रखने का संदेश दिया गया। खासतौर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और विमुक्त जातियों से जुड़े विषयों पर प्रभावी नीतियों और बेहतर क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
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