लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव सहित कुल 21 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।

सरकार के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य किसानों को बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, अत्यधिक वर्षा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। योजना के तहत खरीफ 2026 और रबी 2026-27 की फसलें बीमा सुरक्षा के दायरे में रहेंगी।

प्राकृतिक आपदाओं से मिलेगी आर्थिक राहत

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, पात्र किसानों को फसल क्षति होने की स्थिति में बीमा के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों की आय सुरक्षित होगी, कृषि क्षेत्र में जोखिम कम होगा और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी।

घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड के गठन को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के संशोधित दिशा-निर्देशों और नए वित्तीय प्रावधानों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अलावा ग्राम्य विकास विभाग और एचसीएल फाउंडेशन के बीच सामुदायिक विकास परियोजना के लिए वर्ष 2015 से लागू समझौते (एमओयू) को अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम में संशोधन

मंत्रिपरिषद ने उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम, 2004 में प्रथम संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को स्वीकृति दी गई तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक-2020 को केंद्र सरकार से वापस लेने पर सहमति जताई गई।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

बैठक में राज्य संपत्ति विभाग लेखा संवर्ग सेवा नियमावली, भूतत्त्व एवं खनिकर्म सेवा नियमावली (द्वितीय संशोधन)-2026, उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक-2026 तथा इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण नीति-2017 के तहत एक औद्योगिक इकाई को व्यावसायिक संचालन तिथि में छूट देने सहित कई प्रशासनिक और औद्योगिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

किसानों के लिए क्या होगा लाभ?

फसल बीमा योजना लागू होने से किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई में सहायता मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे किसानों का वित्तीय जोखिम कम होगा, खेती के प्रति भरोसा बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र को अधिक स्थिरता मिलेगी।