गाजीपुर जिले के दिलदारनगर क्षेत्र के उंसियां गांव में एक आईस फैक्ट्री पर 25 केवीए का ट्रांसफार्मर अवैध रूप से लगाते समय हुए विस्फोट ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे मामले को लेकर ऊर्जा मंत्री ने त्वरित कार्रवाई की है।
लापरवाह अधिकारियों पर गिरी गाज
ऊर्जा मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कदम उठाए। ट्रांसफार्मर लगाने में शामिल सब स्टेशन अधिकारी आजाद सिंह कुशवाहा और लाइनमैन मंदू सिंह कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। इसके साथ ही, इस मामले में ऊर्जा मंत्री ने चीफ इंजीनियर शिक्षांत पटेल और एसडीओ को निलंबित करने का आदेश भी जारी कर दिया।
अवैध गतिविधियों पर होगी सख्त कार्रवाई
ऊर्जा मंत्री ने अवैध कार्यों में संलिप्त लोगों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मंदू निवासी खजुरी और सदाम खान निवासी उंसियां के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि इस दुर्घटना से कुछ गंभीर बातें सामने आई हैं, जिससे जिले में ट्रांसफार्मर और विद्युत व्यवस्था से जुड़े अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है।
माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण की संभावना
ऊर्जा मंत्री ने संदेह जताया कि इस अवैध कार्य में बिजली माफियाओं का हाथ हो सकता है और उन्हें राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त हो सकता है। उन्होंने इस पूरे मामले की गहन जांच के आदेश देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही।
इस घटना ने बिजली विभाग में फैली लापरवाहियों और भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। सरकार ने कड़ी कार्रवाई कर स्पष्ट संकेत दिया है कि इस तरह के अवैध कार्यों और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि इस मामले में और कौन-कौन दोषी पाया जाता है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

