गाजीपुर, 26 फरवरी 2026।
उत्तर प्रदेश बोर्ड की हाईस्कूल विज्ञान परीक्षा के दौरान जनपद गाजीपुर में नकल और फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आयोजित प्रथम पाली की विज्ञान परीक्षा में आठ सॉल्वर पकड़े गए। इनमें सात छात्राएं शामिल हैं, जबकि एक युवक अपने छोटे भाई की जगह परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया। मामले में संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मां वीणा वादिनी इंटर कॉलेज में सात छात्राएं पकड़ी गईं
दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के हरदासपुर खुर्द गांव स्थित मां वीणा वादिनी इंटर कॉलेज में स्टेटिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र कुमार द्वारा की गई औचक जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। परीक्षा कक्षों में प्रवेश पत्र और पहचान पत्र का मिलान किया गया, जिसमें सात छात्राएं दूसरी अभ्यर्थियों की जगह बैठकर परीक्षा देती पाई गईं।
जांच के दौरान संदेह होने पर जब दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की गई तो आधार कार्ड और प्रवेश पत्र में अंतर सामने आया। इसके बाद तत्काल पुलिस और उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने छात्राओं से पूछताछ की और पूरे प्रकरण की जानकारी एकत्र की।
सैदपुर क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कॉलेज प्रबंधक की तहरीर के आधार पर सातों छात्राओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
छोटे भाई की जगह परीक्षा देता मिला बड़ा भाई
इसी तरह खानपुर थाना क्षेत्र के आठगांवा (सौना) स्थित किरतू राय इंटर कॉलेज में भी फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। यहां हाईस्कूल विज्ञान की परीक्षा के दौरान एक युवक अपने छोटे भाई की जगह परीक्षा देता हुआ पकड़ा गया।
केंद्र व्यवस्थापक द्वारा प्रवेश पत्र की जांच के दौरान संदेह होने पर आधार कार्ड से मिलान किया गया। मिलान में फोटो और विवरण में अंतर सामने आया। पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि वह अपने छोटे भाई की जगह परीक्षा देने आया था।
केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस फर्जीवाड़े में परिवार के अन्य सदस्य या किसी कोचिंग संस्थान की भूमिका है।
प्रशासन सख्त, बोर्ड परीक्षा में बढ़ी निगरानी
घटना के बाद जिला प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और सख्त कर दी है। स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि किसी और संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार सामने आ रहे सॉल्वर और फर्जी परीक्षार्थियों के मामलों ने शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहचान सत्यापन की प्रक्रिया को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या यह संगठित गिरोह का हिस्सा है या व्यक्तिगत स्तर पर की गई कोशिश।
गाजीपुर में हाईस्कूल विज्ञान परीक्षा के दौरान आठ सॉल्वरों की गिरफ्तारी ने परीक्षा प्रणाली की सख्ती और प्रशासन की सक्रियता को दर्शाया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षाओं में किसी भी तरह की धांधली करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई तय है।

