गाजीपुर: जखनिया विधायक बेदीराम के प्रतिनिधि अरविंद राम और पीयूष राम की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शादियाबाद थाने की पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इन दोनों के खिलाफ 28 मार्च को लोक निर्माण विभाग (PWD) के अवर अभियंता वीरेंद्र कुमार ने मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले का पूरा घटनाक्रम
पीड़ित अवर अभियंता वीरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि बभनौली चट्टी से खुटहन प्राथमिक पाठशाला संपर्क मार्ग के नवीनीकरण कार्य के दौरान विधायक प्रतिनिधियों अरविंद राम, पीयूष राम और अन्य ने उनके साथ मारपीट की। आरोपियों ने सरकारी काम में बाधा डालते हुए उन्हें धमकी दी थी। इसके बाद अभियंता ने शादियाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
गिरफ्तारी न होने पर इंजीनियरों में नाराजगी
मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी न होने से डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ और प्रादेशिक कर्मचारी अधिकारी महासंघ में भारी नाराजगी है। पुलिस की निष्क्रियता के विरोध में संघ ने 31 मार्च से अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है।
बैठक में हुआ आंदोलन का निर्णय
महासंघ के बैनर तले लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैठक कर धरना देने का निर्णय लिया। बैठक में महासचिव सुरेंद्र प्रताप, जेपी यादव, रामवीर, मनोज कुमार यादव, चंदन वर्मा, पंचम यादव और विजय पाल सहित कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
पुलिस की कार्रवाई जारी
शादियाबाद थानाध्यक्ष श्यामजी यादव ने बताया कि विधायक प्रतिनिधियों समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विकास कार्यों पर पड़ सकता है असर
इंजीनियरों के अनिश्चितकालीन धरने का असर सरकारी विकास कार्यों पर पड़ सकता है। यदि धरना लंबा खिंचता है, तो निर्माण और मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिससे आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। इंजीनियरों की मांग है कि आरोपी विधायक प्रतिनिधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। पुलिस की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं। यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है, तो धरना और बड़ा रूप ले सकता है।

