बिजनौर, उत्तर प्रदेश — बिजनौर के किरतपुर क्षेत्र में बजरंग दल के गोरक्षा जिला प्रमुख सतेंद्र उर्फ मोंटी बजरंगी की दिल दहला देने वाली हत्या का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। यह हत्या संपत्ति विवाद में की गई, जिसमें मृतक के सौतेले भाई मानव उर्फ बंटू का हाथ निकला। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सना फरसा भी बरामद कर लिया है।
नींद की गोलियों से शुरू हुआ कत्ल का सिलसिला
पुलिस के अनुसार, रविवार की रात मानव ने पहले मोंटी को राजमा-चावल में मिलाकर नींद की गोलियां खिला दीं। इसके बाद रात करीब 12:30 बजे मोंटी की गर्दन फरसे से काट दी गई। मोंटी का शव सोमवार सुबह उनके घर की चारपाई पर खून से लथपथ अवस्था में पाया गया। सौतेली मां मधुबाला उस समय अर्द्ध बेहोशी की हालत में थी।
हत्या की पूर्व योजना और पांच फीट गहरा गड्ढा
मौके पर पुलिस को कमरे में एक पांच फीट गहरा गड्ढा भी मिला है, जिसे कई दिनों से खोदा जा रहा था। गड्ढे में शव को दबाने की योजना थी। वहां एक रस्सी भी मिली, जिसे छत के कुंडे से बांधकर गड्ढे में उतरने का रास्ता बनाया गया था।
परिवार को थी हत्या की जानकारी: पुलिस
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की जानकारी मृतक के पिता बलराज और सौतेली मां मधुबाला को पहले से थी। हालांकि हत्या अकेले मानव ने की, लेकिन बाकी परिजन भी इसमें मौन सहमति रखते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
मोंटी अपने हिस्से की दस बीघा जमीन मांग रहा था, जिसे वह गोरक्षा के लिए एक संस्था को दान करना चाहता था। इस बात को लेकर घर में विवाद चल रहा था। पुलिस पूछताछ में मानव ने कबूल किया कि वह मोंटी की गतिविधियों और मांग से परेशान था, इसलिए हत्या की योजना बनाई।
झूठी कहानी और ग्रामीणों की सजगता
घटना के बाद परिजनों ने गांव में यह प्रचारित करने की कोशिश की कि मोंटी की मौत गुलदार के हमले में हुई है। लेकिन जब गांव वालों और मामा भागेन्द्र ने शव देखा, तो उस पर गहरे धारदार हथियार के निशान पाए गए। इससे परिजनों की कहानी पर संदेह हुआ और मामला उजागर हुआ।
तांत्रिक और सोना-चांदी की अफवाह
पूछताछ में मानव ने बताया कि एक तांत्रिक ने कहा था कि उनके घर में सोना-चांदी दबा है। इसी वजह से वे पिछले दो महीने से गड्ढा खोद रहे थे। यह भी इस पूरी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है।
पिता बलराज पर पहले से हैं कई आपराधिक मामले
मोंटी के पिता बलराज पर लूट, हत्या, जानलेवा हमला, बलवा और विद्युत अधिनियम सहित कुल नौ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मोंटी हालांकि सामाजिक कार्यों में सक्रिय था और गोरक्षा के क्षेत्र में काम करता था।
The KN News की अपील
यह घटना परिवारिक द्वेष, लालच और हिंसा की भयावह मिसाल है। The KN News प्रशासन से मांग करता है कि ऐसे मामलों में तेज़ न्याय प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे।

