Headlines

नोएडा में वृद्धाश्रम बना नर्क: 40 बुजुर्गों को रेस्क्यू कर सील किया गया ओल्ड एज होम, अमानवीयता की हदें पार

नोएडा, 28 जून 2025 — देश की राजधानी से सटे नोएडा में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-55 स्थित एक निजी वृद्धाश्रम ‘आनंद निकेतन वृद्ध सेवा आश्रम’ में बुजुर्गों के साथ की जा रही अमानवीयता की पोल तब खुली जब राज्य महिला आयोग, समाज कल्याण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने वहां छापेमारी की।

इस दौरान वहां से करीब 40 बुजुर्गों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया और वृद्धाश्रम को तत्काल प्रभाव से सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्रम प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।


पैर बांधकर रखी गई बुजुर्ग महिला, तहखाने में ताले में बंद कमरे

छापेमारी के दौरान सामने आई तस्वीरें और वीडियो रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। एक बुजुर्ग महिला को पैरों से बांधकर फर्श पर छोड़ दिया गया था। कुछ बुजुर्ग तहखाने जैसे अंधेरे कमरों में बंद मिले। उनके शरीर पर फटे पुराने कपड़े थे, और बिस्तर पर तकिए, चादर या साफ-सफाई का कोई नामोनिशान नहीं था।

कुछ बुजुर्गों ने आरोप लगाया कि “कपड़े गंदे हो जाएं तो स्टाफ गाली देकर सब फेंक देता है।” आश्रम की महिला कर्मचारी की गाली-गलौज और अमानवीय व्यवहार कैमरे में कैद हुआ, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।


डोनेशन के नाम पर दो लाख रुपये, फिर हर महीने वसूली

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को रखने के लिए ₹2 लाख डोनेशन के तौर पर लिए जाते थे, और उसके बाद ₹6000 प्रति माह खाने और रहने के नाम पर वसूले जाते थे। इसके बावजूद वहां न तो कोई प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ था, न ही देखभाल के लिए जरूरी सुविधाएं। बुजुर्गों को दवाएं तक खुद देखनी पड़ रही थीं।


परिजन भी टाल रहे थे मामला, मानसिक प्रताड़ना की शिकार बुजुर्ग महिलाएं

जब प्रशासन ने कुछ बुजुर्गों के परिजनों से संपर्क किया, तो उन्होंने मामले को टालने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “सब ठीक है, हमें कोई शिकायत नहीं है।” परंतु जब रेस्क्यू की गई एक बुजुर्ग महिला से बात की गई, तो वह फूट-फूट कर रोने लगी। उसने बताया कि उसे कई बार “पागल” कहकर पीटा गया, कमरे में बंद किया गया और खाना तक नहीं दिया गया।


महिला आयोग और समाज कल्याण विभाग की सख्त कार्रवाई

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि,

“यह किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। बुजुर्गों के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आश्रम को सील किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

समाज कल्याण विभाग ने भी इस पूरे आश्रम की जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। एक विस्तृत चार्जशीट तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर आश्रम संचालक और स्टाफ पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।


कई सवालों के घेरे में नोएडा प्रशासन और निजी वृद्धाश्रमों की निगरानी प्रणाली

यह घटना नोएडा प्रशासन और सामाजिक कल्याण विभाग पर भी सवाल खड़े करती है। कैसे बिना लाइसेंस और मेडिकल स्टाफ के यह आश्रम सालों से बुजुर्गों को रख रहा था? क्या इससे पहले कोई निरीक्षण नहीं हुआ? बुजुर्गों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इस ‘निजी व्यापार’ पर लगाम लगाने की जरूरत एक बार फिर महसूस की जा रही है।


क्या कहती है मानवता?

भारत में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘मातृदेवो भवः’ जैसे आदर्शों की बात की जाती है, लेकिन जब वही माता-पिता वृद्ध होने पर इस तरह के अत्याचारों का शिकार बनें, तो यह केवल एक कानूनी मामला नहीं, मानवता की विफलता बन जाता है।


The KN News की अपील

The KN News प्रशासन से अपील करता है कि देशभर के सभी वृद्धाश्रमों का निरीक्षण अभियान चलाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बुजुर्ग इस तरह की उपेक्षा, हिंसा और अमानवीयता का शिकार न हो। साथ ही, आम नागरिकों से भी अपील है कि यदि आपके आस-पास ऐसा कोई वृद्धाश्रम या शेल्टर हो, तो उसकी स्थिति की जानकारी ज़रूर लें और संदेह होने पर प्रशासन को सूचित करें।


रिपोर्ट: KN News डेस्क, नोएडा
📍 आपके शहर से जुड़ी हर खबर सबसे पहले The KN News पर

Don’t miss these tips!

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *