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गाजीपुर में दिल दहला देने वाला कांड — जमीनी विवाद में बेटे ने की माँ, पिता और बहन की निर्मम हत्या, आरोपी अभय यादव गिरफ्तार**

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला कर रख दिया है। दिलदारनगर थाना क्षेत्र के डिलियां गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों — पिता, माँ और बहन — की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी अभय यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस त्रिपल मर्डर केस ने न केवल इलाके में सनसनी फैला दी है बल्कि जमीनी विवाद की भयावहता को भी उजागर कर दिया है।

हत्या की वारदात: 27 जुलाई की सुबह का नरसंहार

घटना 27 जुलाई 2025 की सुबह घटित हुई जब डिलियां गांव निवासी अमरनाथ यादव के बेटे अभय यादव (उम्र 38 वर्ष) ने मामूली घरेलू विवाद और जमीनी बंटवारे की खींचतान को लेकर अपने ही पिता शिवराम यादव (उम्र 65 वर्ष), मां जमुना देवी (उम्र 60 वर्ष) और बहन कुसुम देवी (उम्र 36 वर्ष) की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि पहले बहन को, फिर मां को और अंत में पिता को मौत के घाट उतारा गया।

इस वारदात के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में अमरनाथ यादव द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर मुकदमा संख्या 564/2025 धारा 103(1) बीपीएन 00/00 के तहत आरोपी अभय यादव के खिलाफ दर्ज किया गया।

गिरफ्तारी: मुखबिर की सूचना से पुलिस को मिली सफलता

घटना के बाद से फरार चल रहे अभय यादव को पुलिस ने 1 अगस्त 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर डिलियां थाना क्षेत्र के चौकिया तिराहा के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को गाजीपुर पुलिस ने एनबीडब्लू और वांछित अपराधी के रूप में पहले ही घोषित कर रखा था। अब अभियुक्त के खिलाफ विधिसम्मत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधिकारी का बयान

नगर क्षेत्राधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक नगर गाजीपुर ने इस हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए तत्परता दिखाई। उन्होंने बताया कि अभियुक्त लंबे समय से जमीनी विवाद को लेकर परिवार से नाराज़ था और इसी कारण उसने यह कदम उठाया।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उसकी बहन कुसुम यादव की पहली शादी दान दहेज देकर ग्राम जेतपुर में की गई थी लेकिन वहां से वह तलाक लेकर दूसरी शादी हाथीदहिया गांव में कर चुकी थी। वहां भी संबंधों में खटास आ गई और विवादों के चलते परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ।

अभियुक्त के अनुसार, उसके पिता शिवराम यादव ने अपनी सारी जमीन अपनी बेटी के नाम कर दी थी और बहन भी अपने भाई को बराबरी में नहीं देखती थी। इसी बात से नाराज होकर अभय यादव ने पहले बहन की हत्या की, फिर माँ और अंत में पिता को भी कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया।

जमीन की लालच बना खून की वजह

जांच में सामने आया कि कुल मिलाकर 4 बीघा 10 धुर जमीन के नामांतरण को लेकर विवाद था। इस जमीन का झगड़ा ही हत्या की जड़ में था। अभय यादव जमीन को अपने नाम पर कराना चाहता था लेकिन परिवार उसकी मांग को नजरअंदाज कर रहा था। जमीन के लालच और गुस्से में आकर उसने तीन जिंदगियों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।


समाज को झकझोरने वाली घटना

यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक हत्याकांड नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते लालच, स्वार्थ और मानसिक विकृति का परिचायक बन चुका है। जहां एक बेटे ने अपने ही खून के रिश्तों को मिटा डाला। ये हत्या बताती है कि जब स्वार्थ इंसान पर हावी हो जाता है, तो वह रिश्तों की भी परवाह नहीं करता।

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