गाज़ीपुर।
परमवीर चक्र विजेता और 1965 के भारत-पाक युद्ध के महानायक शहीद अब्दुल हमीद के 60वें शहादत दिवस पर मंगलवार को धामूपुर स्थित शहीद पार्क में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आज़मगढ़ सांसद धर्मेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने शहीद अब्दुल हमीद और उनकी धर्मपत्नी की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
सभा को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र यादव ने कहा, “मैं शहीद अब्दुल हमीद की धरती पर आकर धन्य महसूस कर रहा हूं। शहीदों की शहादत कभी व्यर्थ नहीं जाती। समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो हम अग्निवीर योजना को समाप्त करेंगे और युवाओं को न्याय दिलाएंगे।” साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि शहीद के नाम से दुल्लहपुर से एक ट्रेन चलाने की मांग को वे संसद में मजबूती से उठाएंगे।
शौर्य की धरती गाज़ीपुर
1965 के युद्ध में शहीद अब्दुल हमीद ने पाकिस्तानी सेना के पैटन टैंकों को नष्ट कर न केवल पाकिस्तान की कमर तोड़ी, बल्कि अमेरिका की साजिशों को भी ध्वस्त किया था। उनके अदम्य साहस ने गाज़ीपुर को शौर्य की धरती के रूप में स्थापित किया। श्रद्धांजलि सभा में यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए शहीदों की शहादत से प्रेरणा लेना अनिवार्य है।
हजारों की भीड़ ने किया नमन
इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, जंगीपुर विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, सदर विधायक जैकिशन साहू, मुहम्मदाबाद विधायक शोएब उर्फ मन्नू अंसारी समेत कई जनप्रतिनिधि और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पूर्व विधायक त्रिवेणी राम, डॉ. राममनोहर लोहिया पीजी कॉलेज के प्रबंधक लालजी यादव, अर्श पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अनिल यादव, सपा जिला उपाध्यक्ष आमिर अली सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
सभा के दौरान जब मंच से शहीद के बलिदान का स्मरण किया गया तो पूरा पंडाल खड़ा हो गया और तालियों व नारों से वातावरण गूंज उठा। यह क्षण सभी के लिए अत्यंत भावनात्मक रहा।
शहीद परिवार का सम्मान
कार्यक्रम में शहीद के बड़े पुत्र जैनुल अहमद ने अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। अंत में शहीद के बड़े पुत्र जैनुल हसन, आयोजक परवेज अहमद, समाजसेवी निजामुद्दीन सिद्दीकी और संजीत प्रजापति ने आए हुए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
व्यक्तिगत संवेदना भी जताई
श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने से पहले सांसद धर्मेंद्र यादव ने गाज़ीपुर पहुंचकर पूर्व एमएलसी बच्चा यादव के निधन पर उनके आवास जाकर शोक संवेदना प्रकट की और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
गाज़ीपुर में आयोजित यह श्रद्धांजलि सभा न केवल शहीद अब्दुल हमीद के बलिदान का स्मरण थी, बल्कि यह युवाओं के लिए देशभक्ति और सरहद की हिफ़ाज़त का एक प्रेरणादायी संदेश भी साबित हुई।

