नई दिल्ली: दिल्ली के वसंतकुंज स्थित एक आश्रम और प्रबंधन संस्थान में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील बातें करने के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर कई छात्राओं द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब संस्थान में पढ़ रही एक पूर्व कानून की छात्रा ने अपनी शिकायत पुलिस के समक्ष रखी। यदि युवती ने यह शिकायत नहीं की होती, तो यह कांड शायद उजागर ही नहीं होता।
आरोप और हथकंडे:
पुलिस के अनुसार, आरोपी स्वामी ने छात्राओं को फेल करने, नंबर कम करने और डराने-धमकाने जैसी धमकियां देकर परेशान किया। इसके अलावा उनके मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजने और शारीरिक रूप से छूने की भी कोशिश की। आरोप है कि तीन वार्डन छात्रों को आरोपी के पास ले जाती थीं। पीड़ित छात्राओं का परिवार अधिकांशतः मध्यवर्गीय है।
पिछले मामले:
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पार्थ सारथी के खिलाफ पहले भी दक्षिण दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में 2009 और 2016 में यौन उत्पीड़न के मामले दर्ज हैं।
संस्थान और प्रशासन की भूमिका:
छात्राओं की शिकायत के बाद श्री श्रृंगेरी मठ के प्रशासक पीए मुरली ने आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। शिकायत में संस्थान की कुछ फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारियों का भी नाम शामिल है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी की हरकतों में मदद की।
पुलिस जांच पर सवाल:
अगस्त और सितंबर में लगभग दो महीने की जांच के बावजूद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बताया जा रहा है कि आरोपी की लोकेशन आगरा, उत्तर प्रदेश में दिखाई दी, लेकिन इसके बावजूद गिरफ्तारी संभव नहीं हो पाई।
पीड़ित छात्राओं की स्थिति:
जिला पुलिस के अनुसार, किसी छात्रा ने दुष्कर्म की शिकायत नहीं दी है। सभी ने केवल छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों की शिकायत दर्ज कराई है। वहीं छात्राओं का आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और शारीरिक संपर्क करने की कोशिश की गई।

