गाजीपुर: गाजीपुर में 6 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के मामले में गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के साले अनवर शहजाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। अदालत में पेशी के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?
मिली जानकारी के अनुसार, दिवंगत मुख्तार अंसारी के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अनवर शहजाद ने अपने सालों और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर “विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी” बनाई थी। इस कंपनी ने अनाज भंडारण निगम (पीसीएफ) का ठेका फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया था। इस टेंडर की अनुमानित राशि करीब 6 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जांच और मुकदमा
2021 में इस घोटाले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी और जांच के बाद नंदगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि अनवर शहजाद ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अन्य कंपनियों को टेंडर में भाग लेने से रोका और केवल “विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी” के नाम से टेंडर डाला गया।
अदालत का फैसला
अनवर शहजाद ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और न्यायालय ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया
जिला सरकारी सहायक अभियोजक फौजदारी नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर था और इसमें कई फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया था। उन्होंने कहा कि प्रशासन अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा।
परिवार की प्रतिक्रिया
अनवर शहजाद की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवार ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। उनके परिजनों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से की गई और पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई है।
राजनीतिक प्रभाव और आगे की कार्रवाई
इस मामले को लेकर गाजीपुर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे सरकार की सख्त कार्रवाई बताया है, जबकि मुख्तार अंसारी के समर्थक इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई मान रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई है और आगे भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
गाजीपुर में इस बड़े फर्जीवाड़े की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध तरीकों से सरकारी टेंडर प्राप्त करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अनवर शहजाद की गिरफ्तारी को कानून-व्यवस्था की मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

