प्रयागराज : महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में संपन्न हुआ। 45 दिनों तक चले इस ऐतिहासिक मेले में लगभग 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संगम स्थल पर शाही स्नान में लाखों लोग एकत्रित हुए, जो गंगा, यमुन और सरस्वती के संगम पर होता है। यह मेला दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें पूरे अमेरिका की जनसंख्या से भी अधिक लोग शामिल होते हैं।
महाकुंभ क्यों मनाया जाता है?
महाकुंभ मेला हर 12 साल में एक बार प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित होता है। इसकी धार्मिक और ज्योतिषीय महत्वता है।
हिंदू धर्म के अनुसार, महाकुंभ का संबंध समुद्र मंथन से जुड़ा है, जिसमें देवता और राक्षसों ने अमृत की प्राप्ति के लिए समुद्र मंथन किया। इस मंथन से अमृत प्राप्त हुआ और यह अमृत चार स्थानों पर गिरा: प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक। इन स्थानों को पवित्र माना गया और यहीं महाकुंभ मेला आयोजित किया जाता है।
इसके अलावा, ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी महाकुंभ का महत्व है, क्योंकि यह मेला तब आयोजित होता है जब गुरु (बृहस्पति) का राशि परिवर्तन होता है और सूर्य तथा चंद्रमा एक विशेष संयोग में होते हैं। इस समय विशेष ऊर्जा का संचार होता है, जिससे स्नान का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
महाकुंभ मेला के प्रकार
- कुंभ मेला: हर 4 साल में आयोजित होता है।
- अर्ध कुंभ मेला: हर 6 साल में आयोजित होता है।
- पूर्ण कुंभ मेला: हर 12 साल में आयोजित होता है।
- महाकुंभ मेला: यह विशेष मेला हर 144 साल में एक बार आयोजित होता है।
अगला कुंभ मेला कब और कहां होगा?
अगला कुंभ मेला 2027 में नासिक, महाराष्ट्र में आयोजित होगा। यह मेला त्रिम्बकेश्वर मंदिर के पास स्थित गोदावरी नदी के किनारे होगा। त्रिम्बकेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां हर 12 साल में आयोजित होने वाला कुंभ मेला श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है। यह मेला 17 जुलाई से 17 अगस्त 2027 तक चलेगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक के कुंभ मेला 2027 में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर दिया। उनका कहना था कि प्रौद्योगिकी की मदद से जो लोग इस पवित्र स्नान में शामिल नहीं हो पाएंगे, वे इसका अनुभव वर्चुअली कर सकेंगे।
महाकुंभ मेला 2025 में प्रमुख हस्तियां
महाकुंभ मेला 2025 में कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडानी, और बॉलीवुड के कई बड़े सितारे शामिल थे। इस आयोजन में 77 देशों के 118 राजनयिक भी उपस्थित थे।
महाकुंभ मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है, जिसमें विभिन्न धर्मों, जातियों और समुदायों के लोग एक साथ आकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।

