प्रयागराज : प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेला 2025 अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है, और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन होने वाले अंतिम स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु यहाँ पहुँच रहे हैं। इस अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं।
महाकुंभ के अंतिम स्नान के दिन भारी भीड़ की उम्मीद है, और इसी के चलते सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और कोई अप्रिय घटना न हो। डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा कि विशेष सुरक्षा उपायों के तहत हर स्थान पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
इसके अलावा, शहर के विभिन्न हिस्सों में यातायात डायवर्जन प्वाइंट्स स्थापित किए गए हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से चल सके। विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि परीक्षा देने वाले छात्रों को कुंभ क्षेत्र में पहुंचने में कोई कठिनाई न हो।
60 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे महाकुंभ में
उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि अब तक 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है। महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी को हुई थी, और अब तक यह संख्या अपेक्षाओं से कहीं अधिक बढ़ चुकी है। सरकार के अधिकारियों का कहना है कि 26 फरवरी को होने वाले अंतिम स्नान तक यह संख्या 65 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
ट्रेन सेवाओं में बदलाव और रद्द
26 फरवरी को होने वाले अंतिम स्नान को ध्यान में रखते हुए, रेलवे प्रशासन ने कुछ ट्रेन सेवाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इन रद्द की गई ट्रेनों में से एक प्रमुख ट्रेन हावड़ा-मुंबई मेल (12321) है, जो नासिक रोड रेलवे स्टेशन से होकर गुजरती है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन ट्रेनों को महाकुंभ के लिए विशेष ट्रेन सेवाओं के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रद्द किया गया है।
इसके साथ ही, कई अन्य ट्रेनों के मार्गों में भी बदलाव किया गया है, और जिन यात्रियों ने इन रद्द ट्रेनों के लिए टिकट बुक किए थे, उन्हें स्वचालित रूप से उनके बैंक खातों में धनवापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जो यात्री फिजिकल टिकट के माध्यम से यात्रा कर रहे हैं, वे अपने रिफंड के लिए रिजर्वेशन काउंटर पर संपर्क कर सकते हैं।
महाकुंभ का यह अंतिम स्नान महाशिवरात्रि के दिन लाखों श्रद्धालुओं को संगम में डुबकी लगाने के लिए आकर्षित करेगा। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं के लिए बड़े कदम उठाए हैं, ताकि इस धार्मिक आयोजन को सफल और सुरक्षित रूप से संपन्न किया जा सके।

