दिल्ली : दिल्ली विधानसभा में आज एक बड़ी हलचल मच गई, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के 12 विधायकों को एक दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया। इन विधायकों पर आरोप है कि उन्होंने उप-राज्यपाल विनय सक्सेना के अभिभाषण के दौरान हंगामा किया। इस घटना के बाद सदन में माहौल गरम हो गया और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने मार्शल बुलाकर इन विधायकों को बाहर करवा दिया।
आम आदमी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि मुख्यमंत्री के कार्यालय से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर को हटा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा दी गई है, जिससे उनके नेताओं में गुस्सा था। इसी मुद्दे पर सदन में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, जिससे पूरी कार्यवाही बाधित हो गई।
AAP नेताओं का कहना था कि यह कदम असंवैधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ है, और वे इसे लेकर विरोध कर रहे थे। हालांकि, स्पीकर ने इस हंगामे को नजरअंदाज करते हुए सदन की कार्यवाही जारी रखने की कोशिश की।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा, “फॉलो द ऑर्डर” और इसके बाद मार्शल को बुलाकर हंगामा कर रहे विधायकों को बाहर निकालने का आदेश दिया। इस निर्णय के बाद, AAP के विधायकों का आरोप था कि उन्हें बिना किसी उचित कारण के सस्पेंड किया गया है, और यह विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीति में नई गर्मी आ गई है। AAP ने इस सस्पेंशन के खिलाफ कड़ा विरोध जताया और इसे दिल्ली की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला बताया। वहीं, बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर AAP पर कटाक्ष किया और कहा कि अगर पार्टी अपने सांसदों के व्यवहार को नियंत्रित नहीं कर सकती तो इसे सख्ती से निपटना आवश्यक है।
यह मामला अब दिल्ली विधानसभा के बाहर भी चर्चा का विषय बन गया है, और विपक्षी पार्टियां इसे लेकर विभिन्न तर्क और बयान दे रही हैं। अब यह देखना होगा कि इस विवाद का क्या परिणाम सामने आता है और आगामी दिनों में विधानसभा के भीतर किस तरह की राजनीतिक घटनाएं घटित होती हैं।

