गाजीपुर। पूर्वांचल के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के करीबी और शॉर्प शूटर अनुज कन्नौजिया को झारखंड पुलिस और गोरखपुर एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया गया। दोनों हाथों से पिस्टल चलाने में माहिर अनुज पर ढाई लाख का इनाम था। गाजीपुर सहित आसपास के जिलों में उसके खिलाफ हत्या, लूट, धमकी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कुल 24 मुकदमे दर्ज थे।
2009 में चर्चा में आया था अनुज
अनुज कन्नौजिया का आपराधिक सफर साल 2009 में तब चर्चा में आया, जब उसने गाजीपुर के दुल्लहपुर में अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक युवक की हत्या कर दी थी। इस वारदात को उसने अपनी प्रेमिका रीना राय के लिए अंजाम दिया था। अनुज रीना की खूबसूरती का दीवाना था और उसे पाने के लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार था। हत्या के बाद दोनों ने शादी कर ली थी।
मुख्तार अंसारी गैंग में सक्रिय हुआ अनुज
दुल्लहपुर हत्याकांड के बाद अनुज कन्नौजिया मुख्तार अंसारी के आईएस-191 गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया। देखते ही देखते वह गैंग का शॉर्प शूटर बन गया और उसकी पहचान एक बेखौफ अपराधी के रूप में होने लगी। वह दोनों हाथों से पिस्टल चलाने में माहिर था, जिससे पुलिस भी उसे पकड़ने में नाकाम रहती थी।
संगीन अपराधों में लिप्त अनुज
अनुज का नाम हत्या, लूट, रंगदारी, छिनैती और धमकी जैसे संगीन अपराधों में शामिल रहा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर अलग-अलग जिलों में कुल 24 मुकदमे दर्ज थे। इनमें से सात मुकदमे गाजीपुर जिले में थे। वर्ष 2024 में गाजीपुर शहर कोतवाली में उस पर गैंगस्टर एक्ट सहित चार मुकदमे दर्ज किए गए थे।
गोरखपुर एसटीएफ ने मुठभेड़ में किया ढेर
शनिवार को झारखंड पुलिस को सूचना मिली कि अनुज कन्नौजिया एक ठिकाने पर छिपा हुआ है। गोरखपुर एसटीएफ ने झारखंड पुलिस के साथ मिलकर उसे घेर लिया। खुद को घिरा हुआ देख अनुज ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अनुज ढेर हो गया।
अपराध जगत में खौफ का अंत
अनुज कन्नौजिया का एनकाउंटर पूर्वांचल के अपराध जगत में एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। मुख्तार अंसारी का यह खास शूटर पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका था। उसके मारे जाने के बाद इलाके में दहशत का माहौल थोड़ा शांत हो गया है।
अपराध और माफिया के खिलाफ सख्ती
अनुज के एनकाउंटर के बाद पुलिस का कहना है कि माफिया और अपराधियों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। झारखंड पुलिस और गोरखपुर एसटीएफ की इस कार्रवाई को पूर्वांचल में अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

