नई दिल्ली: भारतीय विदेश सेवा (IFS) की अधिकारी निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। उनकी यह नियुक्ति प्रशासनिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का एक महत्वपूर्ण संकेत है।
कौन हैं निधि तिवारी?
निधि तिवारी उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के मेहमूरगंज की रहने वाली हैं। वाराणसी वही संसदीय क्षेत्र है, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से सांसद हैं।
- निधि तिवारी ने 2014 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) जॉइन की थी।
- उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की थी।
- UPSC की तैयारी के दौरान निधि वाराणसी में सहायक आयुक्त (वाणिज्य कर) के रूप में कार्यरत थीं।
- नौकरी के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी कर उन्होंने यह सफलता प्राप्त की।
🛡️ करियर में सफलता की सीढ़ियां
- निधि तिवारी ने 2022 में पीएमओ में अंडर सेक्रेटरी (Under Secretary) के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
- जनवरी 2023 में उन्हें डिप्टी सेक्रेटरी (Deputy Secretary) के पद पर प्रमोशन मिला।
- वह पीएमओ में ‘विदेश और सुरक्षा’ विभाग में कार्यरत थीं, जहां वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को रिपोर्ट करती थीं।
- उन्होंने विदेश मंत्रालय में निरस्त्रीकरण (Disarmament) और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के डिवीजन में भी सेवाएं दी हैं।
📃 प्रधानमंत्री के निजी सचिव के रूप में नियुक्ति
29 मार्च 2025 को भारत सरकार ने निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव नियुक्त करने का आदेश जारी किया।
- वह लेवल 12 पे मैट्रिक्स में नियुक्त की गई हैं।
- उनकी नियुक्ति को-टर्मिनस आधार पर होगी, जिसका मतलब है कि वह पीएम मोदी के कार्यकाल तक इस पद पर रहेंगी या अगले आदेश तक सेवाएं देंगी।
💼 पीएमओ में भूमिका और जिम्मेदारियां
- पीएम मोदी के पास पहले से दो निजी सचिव – विवेक कुमार और हार्दिक सतीशचंद्र शाह हैं।
- निधि तिवारी इन दोनों के साथ मिलकर पीएमओ के प्रमुख कार्यों का संचालन करेंगी।
- उनकी भूमिका में प्रधानमंत्री के अंतरराष्ट्रीय दौरे, विदेश नीति से जुड़े निर्णय, सुरक्षा मामलों की रणनीति और अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल होंगी।
🌟 निधि तिवारी की उपलब्धियां और योगदान
- निधि तिवारी को उनकी कूटनीतिक दक्षता और प्रशासनिक क्षमता के लिए जाना जाता है।
- पीएमओ में उनकी नियुक्ति उनकी विशेषज्ञता और नेतृत्व कौशल का प्रमाण है।
- उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
निधि तिवारी की पीएम मोदी के निजी सचिव के रूप में नियुक्ति न केवल उनके लिए बल्कि प्रशासनिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के लिए भी प्रेरणादायक है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि समर्पण, मेहनत और निर्णय लेने की क्षमता व्यक्ति को ऊंचे पदों तक पहुंचा सकती है। पीएमओ में उनकी भूमिका देश की विदेश नीति और सुरक्षा मामलों में अहम योगदान देगी।

