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आगरा में दर्दनाक हादसा: दुकानें ढहने से दो भाइयों की मौत, सात लोग घायल

आगरा, 6 अप्रैल 2025 — आगरा की आवास विकास कॉलोनी में शनिवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा हो गया, जिसमें पांच दुकानें भरभराकर गिर गईं। इस हादसे में दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी और प्रशासन से लेकर स्थानीय लोगों तक को गहरे सदमे में डाल दिया।

हादसे की जानकारी

यह भीषण घटना दोपहर करीब 3:30 बजे आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-7 में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकानों की मरम्मत का कार्य चल रहा था और दो दुकानों के बीच की दीवार को हटाया जा रहा था। इसी दौरान संरचना कमजोर पड़ गई और देखते ही देखते पास की पांच दुकानें एक साथ गिर गईं

मृतकों की पहचान

इस हादसे में 65 वर्षीय किशनचंद उपाध्याय और उनके छोटे भाई 60 वर्षीय विष्णु उपाध्याय की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों भाई पास की ही दुकान चलाते थे और मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहे थे।

घायल हुए लोग

मलबे में दबकर घायल होने वालों में शामिल हैं:

  • अर्जुन (मजदूर, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश)
  • सोनू (ग्राहक, बसई खुर्द)
  • दीपक सेन (सेक्टर-8, जगदीशपुरा)
  • ब्रजेश शर्मा (दुकानदार)
  • अजय चहर (बोदला)
  • पुष्कर उपाध्याय (दुकानदार)

इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।

रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना के बाद तीन घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला, जिसमें पुलिस, नगर निगम, और स्थानीय लोगों ने मिलकर मदद की। जेसीबी और कटर मशीनों की सहायता से मलबा हटाया गया और घायलों को बाहर निकाला गया।

एक मजदूर के दोनों पैर लोहे में फंस गए थे, जिसे काफी मशक्कत के बाद निकाला गया। इस दौरान इंस्पेक्टर आनंदवीर सिंह भी घायल हो गए।

प्रशासन की कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, डीसीपी सोनम कुमार, स्थानीय विधायक और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। इलाके की घेराबंदी कर दी गई और शाम 7:30 बजे तक सारा मलबा हटा लिया गया

लापरवाही का संकेत

बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त दुकानों में मरम्मत कार्य चल रहा था। बल्लियां तो लगी थीं, लेकिन पूरी संरचना कमजोर थी। सुरक्षा के मानकों की अनदेखी और निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।

स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर यह घटना रात में होती, जब शराब की दुकानों के पास भीड़ रहती है, तो मृतकों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।

यह हादसा न केवल निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है। दो परिवारों ने अपने बुजुर्गों को खो दिया और कई घायल अभी भी जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

अब प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

रिपोर्ट: The KN News, आगरा
तारीख: 6 अप्रैल 2025

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