रिपोर्ट: THE KN NEWS | लखनऊ | अपडेटेड: 09 अप्रैल 2025
लखनऊ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के लिए मिलकर रणनीति तैयार करने की पहल शुरू कर दी है। मंगलवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित एक समन्वय बैठक में संघ और सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आगामी योजनाओं और जनता से मिले फीडबैक के आधार पर सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल की मौजूदगी में संघ के आर्थिक समूह के साथ मंथन किया गया। बैठक का मुख्य फोकस रोजगार सृजन, रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती और किसानों तथा गरीबों से जुड़े मुद्दों पर रहा।
प्रमुख मुद्दे और सुझाव:
- रोजगार: सरकार को सुझाव दिया गया कि वह राज्य में तेजी से रोजगार के अवसर पैदा करे।
- रिक्त पदों पर भर्ती: सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।
- किसानों की समस्या: किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाने और कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए विशेष पहल की जाए।
- संविदा कर्मियों का मुद्दा: मजदूर संघ ने संविदा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और अन्य समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
इस बैठक में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, श्रम मंत्री अनिल राजभर, उद्योग मंत्री नंद गोपाल नंदी सहित कई कैबिनेट मंत्री शामिल हुए।
निष्क्रिय स्वयंसेवकों को सक्रिय करने का अभियान
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों की निष्क्रियता को गंभीरता से लेते हुए उन्हें दोबारा सक्रिय करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी स्वयं निष्क्रिय स्वयंसेवकों से उनके घर जाकर संवाद करें, उनकी समस्याएं समझें और उन्हें फिर से संघ के कार्यक्रमों से जोड़ें।
गांव-गांव शाखाओं का विस्तार
संघ के शताब्दी वर्ष की तैयारियों को देखते हुए भागवत ने गांवों में शाखाओं के विस्तार और शहरों में युवाओं तथा पेशेवरों को जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यह वर्ष संघ के लिए विशेष है, इसलिए हर कार्यकर्ता तक पहुँचकर राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का प्रयास किया जाए।
2024 के लोकसभा चुनावों में निष्क्रियता दिखाने वाले कार्यकर्ताओं को अब नए जोश के साथ मैदान में उतारने की तैयारी हो रही है। संघ और सरकार दोनों मिलकर 2027 के चुनाव में विजय की रणनीति पर एकजुट होकर काम कर रहे हैं।

