लखनऊ, 15 अप्रैल:
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर 2024 के लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 400 सीटों पर जीत मिलती, तो संविधान समाप्त हो चुका होता और सड़कों पर तलवारें और बंदूकें नजर आतीं।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई और आरोप लगाया कि राज्य में अराजकता चरम पर है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में असामाजिक तत्व खुलेआम लोगों को जान से मारने की धमकियाँ दे रहे हैं।
🔹 मुख्य बिंदु:
- अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की नीयत संविधान को खत्म कर देने की थी।
- करनी सेना के कथित धमकी भरे बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने उन्हें बीजेपी का कार्यकर्ता बताया।
- उन्होंने एनएसजी सुरक्षा वापस लेने को राजनीतिक साजिश करार दिया।
- अखिलेश ने कहा, “जो लोग सुरक्षा लेकर घूमते हैं, वे कायर हैं।”
🔹 संविधान और बाबा साहेब पर भरोसा
अखिलेश यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को “संविधान की आत्मा” और “ईश्वर समान” बताया। उन्होंने कहा, “बाबा साहेब की बराबरी कोई नहीं कर सकता। संविधान ही हमारी ताकत है।”
🔹 रिजर्वेशन और भर्तियों में गड़बड़ी
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यूपी सरकार ने आरक्षण प्रणाली को कमजोर किया है।
- उन्होंने कहा कि 69,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में पिछड़े और दलित वर्गों के उम्मीदवारों को उनका हक नहीं मिला।
- पुलिस भर्ती में भी सूची को सार्वजनिक नहीं किया गया।
- उन्होंने मांग की कि निजी कंपनियों में भी आरक्षण लागू किया जाए।
🔹 अन्य आरोप और उपलब्धियाँ
- उन्होंने आरोप लगाया कि गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों से कोई सबक नहीं लिया गया, जिससे झांसी और लखनऊ के अस्पतालों में आग की घटनाएं हुईं।
- गेहूं खरीद में कॉरपोरेट कंपनियों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया, जिससे आटा महंगा हुआ।
- उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं जैसे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और मेट्रो परियोजनाएं।
🔚 बीजेपी के डर की बात
अखिलेश यादव ने कहा, “बीजेपी पीडीए की ताकत से डरती है।” पीडीए का मतलब उन्होंने बताया – पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक।

