द्वारा: The KN News, गाजीपुर, अपडेट किया गया 28 अप्रैल 2025, 01:07 PM IST
गाजीपुर: आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार ने आज गाजीपुर जिले के जिलाधिकारी (डीएम) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। अविनाश कुमार, जो पूर्व में झांसी के जिलाधिकारी (डीएम) के रूप में कार्यरत थे, अपनी बेहतरीन रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं।
अविनाश कुमार का करियर
अविनाश कुमार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और बाद में सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उन्होंने अपनी करियर की शुरुआत के दौरान बाराबंकी और हरदोई जिलों में डीएम के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष सचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अविनाश कुमार की कार्यशैली में तेजी से निर्णय लेने की क्षमता और कड़े प्रशासनिक फैसलों को लागू करने की अद्भुत क्षमता है, जिसकी वजह से उन्हें झांसी में भी अच्छा प्रशंसा मिली थी। उनका तबादला गाजीपुर में डीएम के रूप में किया गया है, और वे यहां के प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने के लिए तैयार हैं।
गाजीपुर में बदलाव
गाजीपुर की जिलाधिकारी के रूप में अविनाश कुमार का कार्यभार संभालना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव है। उनका चयन प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें पहले से ही जिले के विभिन्न विकास कार्यों और चुनौतीपूर्ण प्रशासनिक समस्याओं को सुलझाने का अच्छा अनुभव है।
गाजीपुर में डीएम आर्यका अखौरी का तबादला सोमवार की देर रात कर दिया गया। उन्हें अब शासन में विशेष सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। पिछले ढाई वर्षों में, डीएम आर्यका अखौरी ने जिले में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे, जिनमें माफिया मुख्तार अंसारी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई प्रमुख रही। इसके अलावा, उनके कार्यकाल में प्रशासनिक सख्ती को लेकर कई चर्चाएं भी रही थीं।
मुख्तार अंसारी और डीएम आर्यका अखौरी का विवाद
आर्यका अखौरी के कार्यकाल के दौरान, 30 मार्च 2024 को मुख्तार अंसारी के अंतिम संस्कार के मौके पर सपा सांसद अफजाल अंसारी से उनकी तीखी बहस सुर्खियों में रही। इस विवादित घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने प्रशासनिक कार्रवाई के संदर्भ में कई सवाल उठाए थे।
अविनाश कुमार के लिए उम्मीदें
अब जब अविनाश कुमार ने गाजीपुर के डीएम का कार्यभार संभाला है, तो उनसे इस जिले के प्रशासनिक ढांचे को और भी मजबूती देने की उम्मीदें जताई जा रही हैं। उनके नेतृत्व में, जिले के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम किए जाने की संभावना है।

