पटना | ब्यूरो रिपोर्ट | 07 जुलाई 2025
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सियासी तापमान अपने चरम पर पहुंच चुका है। अब INDIA गठबंधन ने भारतीय चुनाव आयोग के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी, कांग्रेस, वाम दलों समेत पूरा विपक्ष एक मंच पर आ गया है। सोमवार को पटना में राजद कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए और 9 जुलाई को राज्यव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया।
मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल
तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए “विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम 2025” पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग केवल 11 दस्तावेजों को वैध मान रहा है और बाकी सभी को खारिज कर रहा है, जिससे गरीबों, दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साजिश रची जा रही है।
“क्या चुनाव आयोग को संविधानिक रूप से सिर्फ 11 दस्तावेज़ मांगने का अधिकार है? यह स्पष्ट करें। लोकतंत्र पर हमला किया जा रहा है,” – तेजस्वी यादव
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की नीति अस्पष्ट और भ्रमित करने वाली है। एक ओर आयोग नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने का अवसर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर इस प्रक्रिया को जटिल बना दिया गया है।
BLO और वॉलंटियर सिस्टम पर नाराजगी
तेजस्वी यादव ने BLO (Booth Level Officer) के साथ लगाए गए चार स्वयंसेवकों की वैधता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि ये वॉलंटियर्स कौन हैं, इनका चयन कैसे हुआ और क्या यह सरकारी कर्मचारी हैं या निजी लोग?
“हमने मांग की है कि चुनाव आयोग इन वॉलंटियर्स की सूची प्रकाशित करे ताकि जनता उनका सत्यापन कर सके।”
तेजस्वी ने यह भी दावा किया कि BLO का काम कर रहे शिक्षक भारी दबाव में हैं। उन पर जिला प्रशासन की ओर से फोन कर-कर के दबाव डाला जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि शिक्षक स्कूल में पढ़ाएं या चुनाव आयोग के आदेशों का पालन करें?
राजनीतिक आरोपों की बौछार
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में लोग डर के साए में जी रहे हैं और संविधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग चरम पर है।
9 जुलाई को चक्का जाम, राहुल गांधी भी होंगे शामिल
तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि पूरे राज्य में 9 जुलाई को चक्का जाम किया जाएगा। हर जिले में INDIA गठबंधन के कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी हिस्सा लेंगे।
“हम लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़क पर उतरेंगे। इस लड़ाई को अंतिम रूप तक लड़ेंगे।”
चुनाव आयोग का जवाब
इस बीच चुनाव आयोग ने भी विपक्षी दलों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आयोग ने कहा कि विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम पूरी तरह आयोग के आदेशानुसार चलाया जा रहा है और इसमें किसी भी प्रकार की भेदभाव की बात नहीं है।
चुनाव आयोग का कहना है कि:
- सभी पात्र नागरिकों को सूची में नाम जुड़वाने का अधिकार है।
- अफवाहों पर ध्यान न दें।
- सभी निर्देश पहले ही सार्वजनिक कर दिए गए हैं।
सियासी माहौल गरम
बिहार की राजनीति में यह घटना एक बड़े टकराव की ओर संकेत कर रही है। एक ओर सत्ता पक्ष अपनी तैयारियों में जुटा है, वहीं विपक्ष आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाकर सड़कों पर उतरने को तैयार है।
आगे की रणनीति
सूत्रों के मुताबिक INDIA गठबंधन आने वाले दिनों में और भी आक्रामक रुख अपनाने की योजना बना रहा है। नेताओं का कहना है कि यदि आयोग ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया, तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

