गाजीपुर, उत्तर प्रदेश।
गाजीपुर जिले के मरदह थाना क्षेत्र के सक्कापुर गांव निवासी अर्जुन यादव का शव 71 दिनों के लंबे इंतजार के बाद सऊदी अरब से उनके पैतृक गांव लाया गया। इस दौरान परिजनों ने कई बार पत्राचार कर शव को मंगवाने की मांग की थी, जिसमें अंततः सफलता मिली।
अर्जुन यादव आजीविका के लिए सऊदी अरब गए थे। अगस्त 2024 में ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इलाज के दौरान उनकी हालत और खराब हो गई और 30 अप्रैल 2025 को उनकी मृत्यु हो गई। मौत के बाद शव सऊदी अरब में ही फंसा रह गया, क्योंकि कई ज़रूरी कागजी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो सकी थीं।
परिजनों ने शव को वापस मंगवाने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, विदेश मंत्रालय, जिलाधिकारी और विभिन्न सांसदों को पत्र भेजे। लगभग दो महीने के प्रयासों के बाद विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब में भारतीय दूतावास की मदद से शव को भारत भेजा गया।
शुक्रवार की सुबह अर्जुन यादव का पार्थिव शरीर हवाई जहाज से लखनऊ स्थित अमौसी एयरपोर्ट पहुंचा। वहां से कागजी कार्यवाही के बाद शव दोपहर 12 बजे परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद शव को एम्बुलेंस के जरिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए सक्कापुर गांव लाया गया, जहां शाम 6 बजे अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए।
गांव में माहौल गमगीन हो गया। अर्जुन यादव का अंतिम संस्कार शहर के श्मशान घाट पर किया गया, जहां उनके बड़े पुत्र आयुष यादव ने मुखाग्नि दी। उनकी बेटियां आयुषी और पियूष की चीखें सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
परिजनों ने इस कठिन समय में विदेश मंत्रालय द्वारा की गई मदद के लिए आभार जताया और उम्मीद जताई कि भविष्य में प्रवासी भारतीयों से जुड़े ऐसे मामलों में और तेजी से कार्यवाही की जाएगी।

