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ग्रेटर नोएडा में दहेज प्रताड़ना से निक्की की मौत, परिजनों का दर्दनाक खुलासा

ग्रेटर नोएडा, 24 अगस्त 2025।
दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। ग्रेटर नोएडा के सिरसा क्षेत्र में विवाहिता निक्की की मौत ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। पीड़िता की बहन कंचन ने मीडिया के सामने आकर अपने परिवार के साथ हुई घटनाओं को विस्तार से बताते हुए कहा कि उनकी बहन को न केवल सालों से प्रताड़ित किया गया बल्कि आखिरकार आग के हवाले कर दिया गया।

2016 में हुई थी शादी, शुरू हुआ दहेज का खेल

कंचन ने बताया कि उनकी और उनकी बहन निक्की की शादी 10 दिसंबर 2016 को ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में हुई थी। शादी नोटबंदी के समय हुई थी और पिता ने अपनी हैसियत से ज्यादा खर्च किया था। शादी में Scorpio गाड़ी, सोना, चांदी और कैश सब कुछ दिया गया। लेकिन शादी के मात्र छह महीने बाद से ही दोनों बहनों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया।

कंचन ने कहा –
“घर में हमारी कोई इज्जत नहीं थी, सिर्फ काम करने वाली समझा जाता था। पति और ससुराल पक्ष लगातार पैसे की मांग करते थे, मारपीट करते थे और गंदी-गंदी गालियां देते थे।”

पति के अवैध संबंध और घरेलू प्रताड़ना

कंचन के मुताबिक, पति और देवर शराब के आदी थे और अक्सर बाहर महिलाओं के साथ रहते थे। घर लौटने पर वे मारपीट और अभद्रता करते थे।
“हमसे ही पैसे मांगते थे, उल्टा हमें ही दोषी ठहराते थे। जब बहन ने सवाल पूछे तो उसे बेरहमी से पीटा गया।”

11 फरवरी 2025 को चरम पर पहुंचा विवाद

कंचन ने बताया कि 11 फरवरी 2025 को बहन निक्की को सास और छोटे देवर ने मिलकर बुरी तरह पीटा। दोनों बहनें मेकअप आर्टिस्ट थीं और अपना सैलून चलाती थीं, लेकिन उस पर भी हमला कर बंद करा दिया गया। उस दिन उनके क्लाइंट्स के साथ भी बदतमीजी हुई।

जलाकर मार डाला, बहन की आंखों के सामने हुई मौत

कंचन ने रोते हुए कहा –
“मैं दूसरी मंजिल पर थी और बीमार थी। अचानक बहन के कमरे से चीखें सुनाई दीं। जब नीचे भागी तो देखा कि मेरी बहन पूरी तरह से आग में झुलस चुकी थी। उसके कपड़े जल गए थे, शरीर बुरी तरह जल चुका था। मैंने पानी डालकर बचाने की कोशिश की लेकिन वह तड़पती रही।”

निक्की के सात वर्षीय बेटे के सामने यह वारदात हुई। मासूम ने अपनी मां को जलते हुए देखा।

अंतिम संस्कार से भी भागे आरोपी

कंचन का आरोप है कि सास और देवर निक्की को अधमरी हालत में छोड़कर भाग गए। न तो इलाज कराया, न ही अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
“अगर निर्दोष थे तो बहन को बीच रास्ते में क्यों छोड़ दिया? क्यों भाग गए?” – कंचन

पुलिस कार्रवाई पर सवाल

कंचन ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने सब कुछ देखा है और अब उनके पास सारे सबूत हैं। उन्होंने FIR दर्ज कराई है लेकिन पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं।
“पुलिस सिर्फ आश्वासन दे रही है। पति को तो गिरफ्तार किया गया है लेकिन बाकी आरोपी खुले घूम रहे हैं। क्या सिर्फ गिरफ्तारी ही न्याय है? अगर दरिंदे जेल से निकलकर फिर बाहर आ जाएंगे तो बेटियां कहां सुरक्षित होंगी?”

पुलिस का बयान

पुलिस ने बताया कि मृतका की बहन की तहरीर पर दहेज हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पति विपिन को हिरासत में ले लिया गया है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।

समाज और कानून पर बड़ा सवाल

यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि जब पंचायतें और समाज सिर्फ “समझौते” का रास्ता दिखाते हैं तो महिलाओं को न्याय कब मिलेगा? अगर दहेज हत्या जैसे जघन्य अपराध के आरोपी कुछ ही महीनों में जमानत पाकर बाहर आ जाते हैं, तो पीड़ित परिवारों को न्याय कैसे मिलेगा?

कंचन ने साफ कहा –
“मेरी गलती थी कि मैं पहले नहीं बोली। लेकिन अब निक्की के लिए मैं किसी को नहीं छोड़ूंगी। मेरी बहन की मौत व्यर्थ नहीं जाएगी।”


👉 यह खबर समाज को आईना दिखाती है कि दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी बुराइयां अब भी खत्म नहीं हुई हैं। जरूरत है कि कड़े कानूनों का सख्ती से पालन हो और बेटियों को इंसाफ मिले।

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