Headlines

गाजीपुर में भाजपा नेता की निर्मम हत्या, एक माह पहले ही हुई थी सगाई; भूमि विवाद में गांव के ही लोगों पर आरोप

गाजीपुर।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जमानिया क्षेत्र के टिसौरा गांव में भाजपा अनुसूचित मोर्चा के मंडल अध्यक्ष और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विश्वकर्मा राम की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि विश्वकर्मा राम की महज एक माह पहले ही सगाई हुई थी और परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं।

शनिवार सुबह करीब छह बजे गांव के बाहर सड़क किनारे विश्वकर्मा राम का शव औंधे मुंह पड़ा मिला। राहगीरों ने जब शव देखा तो इसकी सूचना परिजनों और पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी है।

मां की तहरीर पर पांच नामजद, भूमि विवाद बना हत्या की वजह

मृतक की मां और ग्राम प्रधान बिंदु देवी की तहरीर पर गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। परिजनों का आरोप है कि यह हत्या लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद का नतीजा है।

बिंदु देवी ने रोते-बिलखते हुए पुलिस को बताया कि उन्होंने नौ जनवरी को गांव में एक जमीन खरीदी थी। जब उस जमीन को घेरने और चहारदीवारी कराने की तैयारी की गई, तभी से आरोपियों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि जमीन पर कब्जा न करने देने के लिए लगातार धमकियां दी जा रही थीं।

पहले भी हो चुकी थी मारपीट, जान से मारने की धमकी

परिजनों के अनुसार, आठ मई को जब खरीदी गई भूमि पर मिट्टी गिरवाई जा रही थी, तभी आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज और मारपीट की थी। इस दौरान विश्वकर्मा राम को गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 12 मई को डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज किया था।

बिंदु देवी का कहना है कि उस समय भी आरोपियों ने उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि सख्त कार्रवाई न होने के कारण आरोपियों के हौसले और बढ़ गए।

सगाई के बाद घर में था खुशी का माहौल

विश्वकर्मा राम की एक माह पहले ही सगाई हुई थी। परिवार में शादी को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल था। रिश्तेदारों से बातचीत चल रही थी, शादी की तारीख तय करने की तैयारी थी। लेकिन अचानक इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

मृतक दो भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई कालीचरण और दो बहनें भाई का शव देखकर दहाड़े मारकर रो पड़ीं। मां बिंदु देवी बेटे का शव देखकर बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। गांव की महिलाएं उन्हें संभालती और सांत्वना देती नजर आईं।

गांव में मातम और आक्रोश

हत्या की खबर फैलते ही टिसौरा गांव में मातम पसर गया। परिजनों के घर के बाहर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग जहां एक ओर शोक में डूबे नजर आए, वहीं दूसरी ओर घटना को लेकर भारी आक्रोश भी देखा गया। ग्रामीणों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि विश्वकर्मा राम सामाजिक रूप से सक्रिय थे और लोगों की समस्याओं में हमेशा आगे रहते थे। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के मंडल अध्यक्ष होने के साथ-साथ वह ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के रूप में भी गांव के विकास कार्यों में अहम भूमिका निभा रहे थे।

पुलिस का बयान: जांच जारी, जल्द होगी गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला भूमि विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतक की मां की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट होगी।

राजनीतिक हलकों में भी हलचल

भाजपा नेता की हत्या के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया है।

सवालों के घेरे में कानून-व्यवस्था

इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि पहले हुए हमले के बाद आरोपियों पर सख्ती से कार्रवाई होती, तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।

फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। गांव के लोग अब सिर्फ एक ही सवाल पूछ रहे हैं—क्या विश्वकर्मा राम को समय रहते न्याय मिलता, तो उनकी जान बच सकती थी?

Don’t miss these tips!

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *