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कोलकाता में मेसी के फैंस का गुस्सा फूटा: 10 मिनट की मौजूदगी के बाद स्टेडियम से लौटे ‘फुटबॉल भगवान’, कुर्सियां-बोतलें फेंकी गईं

कोलकाता।
दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शुमार लियोनल मेसी के भारत दौरे का पहला पड़ाव कोलकाता रहा, लेकिन यह ऐतिहासिक मौका जश्न से ज्यादा अव्यवस्था और नाराजगी में तब्दील हो गया। सॉल्ट लेक स्टेडियम में शनिवार को उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब हजारों रुपये के टिकट खरीदकर पहुंचे फैंस को महज 10 मिनट में मेसी को देखकर लौटना पड़ा।

मेसी के जल्दी स्टेडियम छोड़ने से नाराज फैंस ने कुर्सियां और बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ का गुस्सा बेकाबू हो गया और आयोजन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।


महंगे टिकट, ऊंची उम्मीदें और सिर्फ 10 मिनट की झलक

लियोनल मेसी 14 साल बाद भारत आए थे। G.O.A.T. इंडिया टूर 2025 के तहत उनके कोलकाता पहुंचने को लेकर महीनों से प्रचार किया जा रहा था। हजारों फैंस ने 8 हजार से लेकर 12 हजार रुपये तक के टिकट खरीदे थे, इस उम्मीद में कि वे अपने फुटबॉल हीरो को करीब से देख पाएंगे।

लेकिन स्टेडियम में मेसी ने सिर्फ लैप ऑफ ऑनर किया, दो-तीन बार हाथ हिलाया और बिना कोई किक, पेनल्टी या फुटबॉल एक्टिविटी किए ही बाहर निकल गए। यही बात फैंस के गुस्से की सबसे बड़ी वजह बनी।


“नेता और अभिनेता घेरे रहे, फैंस कुछ नहीं देख पाए”

घटना के बाद सामने आए फैंस के बयान बेहद तीखे और भावनात्मक थे।
एक फैन ने कहा,

“बेहद निराशाजनक आयोजन था। मेसी सिर्फ 10 मिनट के लिए आए। उनके चारों तरफ नेता और मंत्री खड़े थे। हमें कुछ भी दिखाई नहीं दिया। इतना पैसा और समय बर्बाद हो गया।”

एक अन्य प्रशंसक बोला,

“हमें 12 हजार रुपये का टिकट मिला था, लेकिन हम उनका चेहरा तक नहीं देख पाए। अगर आम लोगों को दूर ही रखना था, तो टिकट क्यों बेचे गए?”

कई फैंस ने आरोप लगाया कि यह आयोजन “पब्लिक के साथ धोखा” था और पूरा इवेंट सिर्फ वीआईपी लोगों के लिए आयोजित किया गया।


स्टेडियम में तोड़फोड़, प्रशासन पर सवाल

नाराजगी इतनी बढ़ गई कि कुछ फैंस ने स्टेडियम में तोड़फोड़ शुरू कर दी। कुर्सियां उखाड़ी गईं, बोतलें फेंकी गईं और कुछ टेंट भी गिरा दिए गए। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को हालात संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

ANI और PTI द्वारा जारी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भीड़ का आक्रोश अचानक फूट पड़ा। हालांकि अब तक किसी बड़े घायल होने की खबर सामने नहीं आई है।


मेसी हैदराबाद रवाना, लेकिन सवाल यहीं छूट गए

हंगामे के बीच लियोनल मेसी को तुरंत एयरपोर्ट ले जाया गया, जहां से वे हैदराबाद के लिए रवाना हो गए। हैदराबाद में उन्हें एक एग्जीबिशन मैच में हिस्सा लेना है।

मेसी के साथ इस दौरे में उरुग्वे के दिग्गज लुईस सुआरेज और अर्जेंटीना के मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल भी मौजूद हैं। लेकिन कोलकाता की घटना ने पूरे टूर की छवि पर सवालिया निशान लगा दिया है।


क्या आयोजन प्रबंधन फेल रहा?

इस पूरे घटनाक्रम ने आयोजकों और राज्य प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • जब कार्यक्रम डेढ़ बजे शुरू होना था, तो मेसी 10 मिनट में क्यों लौट गए?
  • इतनी भारी भीड़ के लिए व्यूइंग व्यवस्था क्यों नहीं थी?
  • आम फैंस और वीआईपी गेस्ट के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों रखा गया?

इन सवालों के जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं।


भावनाओं का सौदा या अव्यवस्था का शिकार?

एक फैन ने बेहद भावुक होकर कहा,

“मेरा बच्चा मेसी को देखने के लिए बहुत उत्साहित था। लेकिन हमें उनकी बस एक झलक भी नहीं मिली। यह खेल और फैंस दोनों का अपमान है।”

फुटबॉल जैसे खेल में जहां फैंस सबसे बड़ी ताकत होते हैं, वहां इस तरह की घटनाएं खेल संस्कृति पर भी सवाल खड़े करती हैं।


मेसी का स्वागत, लेकिन अनुभव कड़वा

हालांकि मेसी ने कोलकाता पहुंचने पर खुशी जताई थी और 70 फीट ऊंची अपनी प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण भी किया। उन्हें मोहन बगान की विशेष जर्सी भी भेंट की गई। उन्होंने शाहरुख खान और उनके बेटे अबराम से मुलाकात भी की।

लेकिन स्टेडियम में मौजूद आम दर्शकों के लिए यह अनुभव यादगार नहीं, बल्कि निराशाजनक बन गया।

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