Headlines

*महाकुंभ में अधिकारियों की लापरवाही पर सांसद ने उठाए सवाल, शीतकालीन सत्र में जांच की मांग**

*प्रयागराज, 6 जनवरी*: प्रयागराज सांसद उज्जवल रमण सिंह ने महाकुंभ के आयोजन में अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी आलोचना की और इस मुद्दे को शीतकालीन सत्र में उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के कार्यों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, क्योंकि जनता के पैसे का जिस तरह से दुरुपयोग हुआ है, वह निंदनीय है।सांसद ने कहा कि महाकुंभ के लिए वर्षों पहले से तैयारी की योजना बनाई गई थी। 2019 के अर्धकुंभ में यह घोषणा की गई थी कि 2025 के महाकुंभ में प्रयागराज में मेट्रो रेल, फाफामऊ पर सिक्स लेन पुल और संगम पर फ्लोटिंग ब्रिज तैयार हो जाएगा, लेकिन अधिकारियों की निष्क्रियता की वजह से सिक्स लेन पुल समय पर तैयार नहीं हो सका। इसके बजाय, 60 करोड़ की लागत से सिर्फ दो महीने के लिए एक स्टील ब्रिज का निर्माण किया गया, जिसे उन्होंने पैसे की बर्बादी बताया। सांसद ने इस बारे में जिम्मेदारों की जांच करने की मांग की।सांसद ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री लगातार अधिकारियों की लापरवाही को लेकर प्रयागराज का दौरा कर रहे थे और खुद तैयारियों की कमान अपने हाथों में ले रहे थे, लेकिन इसके बावजूद महाकुंभ की तैयारियां अधूरी रही हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ एक धार्मिक आस्था का विषय है, जिसे भाजपा सरकार ने इवेंट मैनेजमेंट का रूप दे दिया है, और इस मामले में भी सरकार विफल साबित हुई है। पूरे शहर में होर्डिंग्स और पेंटिंग्स से कमी को छुपाने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह जनता की आंखों से छिप नहीं सकता।सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने कहा कि हर कुम्भ में शहर की सड़कों और मोहल्लों की गलियों का सुधार कार्य होता था, लेकिन इस बार की तैयारियों में मुख्य सड़कों को ही सही से नहीं बनाया गया। वह कहते हैं, “हो सकता है कि कागजों पर सभी सड़कें चमचमाती दिखें, लेकिन वास्तविकता में स्थिति पूरी तरह अलग है। मोहल्लों की गलियों के बारे में तो कोई बात ही नहीं करता।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारीभरकम बजट के बावजूद समय की कमी दिखाकर तैयारियों पर लीपापोती की जा रही है। इस पूरे मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर सांसद ने शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे को उठाने की बात कही। महाकुंभ के आयोजन में हो रही इस लापरवाही से न केवल आस्थावान लोग बल्कि प्रयागराज के नागरिक भी परेशान हैं और उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस पर ध्यान देगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Don’t miss these tips!

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *