ग़ाज़ीपुर : ग़ाज़ीपुर जिले में समाजवादी पार्टी (सपा) के भीतर जारी विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। हाल ही में प्रदेश सचिव पद से चंद्रिका यादव को हटाए जाने के बाद से पार्टी में गहरी अंदरुनी कलह पैदा हो गई है। चंद्रिका यादव, जो पहले सपा के एक प्रमुख नेता थे, अब पार्टी नेतृत्व और अपने विरोधी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं।
चंद्रिका यादव ने सोशल मीडिया पर कई बार लाइव आकर जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव और ग़ाज़ीपुर जिलाध्यक्ष गोपाल यादव पर व्यक्तिगत हमले किए हैं। उनका कहना है कि पार्टी में उन्हें हटाने का निर्णय गलत था और वे इसके खिलाफ लगातार अपनी आवाज उठाएंगे। चंद्रिका यादव ने यह भी कहा है कि वे पार्टी छोड़ने का इरादा नहीं रखते, लेकिन जब तक उनकी शिकायतों का समाधान नहीं होता, वे सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाते रहेंगे।
चंद्रिका यादव के बार-बार सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपने विरोधियों पर हमला करने से ग़ाज़ीपुर में समाजवादी पार्टी की स्थिति और भी पेचीदा हो गई है। उन्होंने विधायक वीरेंद्र यादव और जिलाध्यक्ष गोपाल यादव पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अनुशासनहीनता और अन्य आरोप लगाए हैं। चंद्रिका यादव का यह अभियान पार्टी के भीतर बढ़ती दरार को और स्पष्ट कर रहा है।
इस विवाद से पार्टी के भीतर मतभेदों की स्थिति और गहरी हो गई है, और इसके संभावित प्रभाव आगामी चुनावों पर भी पड़ सकते हैं। सपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच खुलकर सामने आई असहमति ने ग़ाज़ीपुर क्षेत्र में सपा की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित किया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी कि वे इस अंदरुनी कलह को कैसे संभालते हैं। यह भी देखा जाएगा कि वे किस तरह चंद्रिका यादव की शिकायतों का समाधान करते हैं और पार्टी के भीतर के इस संकट को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, ग़ाज़ीपुर में समाजवादी पार्टी के भीतर की यह खींचतान राजनीति के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है, और इसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।

