दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए बीजेपी ने पुर्वांचल वोट बैंक को जीतने के लिए एक खास रणनीति तैयार की है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश और बिहार से 100 से अधिक नेताओं की टीम बनाई है, जिन्हें प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
पूर्व सांसद और असम बीजेपी के प्रभारी हरिश द्विवेदी को इस अभियान का समन्वयक नियुक्त किया गया है। इस अभियान की शुरुआत गुरुवार से दिल्ली में होगी, जब पूर्वी भारत के बीजेपी नेता चुनावी मैदान में उतरेंगे। इससे पहले, सभी नियुक्त नेताओं की एक बैठक शाम 6 बजे दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जिसमें बीजेपी के संगठनात्मक सचिव बीएल संतोष, महासचिव तरुण चुग और हरिश द्विवेदी दिशा-निर्देश देंगे।
दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से 27 सीटों पर पुर्वांचल मतदाता महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के मतदाता इन सीटों पर मजबूत वोट शेयर रखते हैं। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख 5 फरवरी करीब आ रही है, बीजेपी और आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों ही इन पुर्वांचल मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए खास रणनीतियां बना रहे हैं।
पुर्वांचल वोट बैंक को लेकर दोनों पार्टियों के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिल रही है। खासतौर पर वोटर लिस्ट को लेकर दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं, जिसमें नाम जोड़ने और हटाने के मुद्दे पर विवाद बढ़ चुका है।
दिल्ली में पुर्वांचल वोटरों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पुर्वांचल के लोग 25 से 38 प्रतिशत तक आबादी का हिस्सा हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने पुर्वांचल समुदाय के नेताओं को प्राथमिकता दी है और उन्हें अहम पदों और टिकटों पर जगह दी है।
2020 के दिल्ली चुनाव में AAP ने 12 पुर्वांचली उम्मीदवारों को टिकट दिया था, और इस बार भी पार्टी ने लगभग 12 पुर्वांचल नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा है।
पुर्वांचल समुदाय की बढ़ती राजनीतिक ताकत यह साबित करती है कि दिल्ली में बिहार, यूपी और झारखंड से आए लोग, जो पहले रोजगार की तलाश में दिल्ली आए थे, अब इस शहर की राजनीति में अहम भूमिका निभा रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इस समुदाय के समर्थन से बड़ी सफलता हासिल की थी।
दिल्ली बीजेपी ने इस समुदाय के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए, खासतौर पर छठ पूजा की तैयारियों, यमुनाजी के प्रदूषण और झुग्गी-झोपड़ी के हालात को लेकर कई पहल की हैं। बीजेपी के दिल्ली पुर्वांचल मोर्चा के नेता जैसे जगदम्बा सिंह, विपिन बिहारी सिंह, मनोज तिवारी और अन्य लोग इस समुदाय से जुड़ने और विश्वास बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
जैसा कि चुनाव की तारीख पास आ रही है, बीजेपी और AAP दोनों ही पुर्वांचल मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इस समुदाय का समर्थन इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

