नई दिल्ली, 16 फरवरी 2025 – नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी की रात करीब 8 बजे हुए भगदड़ में 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा प्लेटफॉर्म नंबर 16 के पास फुटओवर ब्रिज पर हुआ, जहां भारी भीड़ की वजह से अफरातफरी मच गई।
महाकुंभ जा रहे श्रद्धालु बने हादसे का शिकार
इस भगदड़ में ज्यादातर श्रद्धालु शामिल थे, जो प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में शामिल होने के लिए ट्रेनों से रवाना हो रहे थे। रेलवे स्टेशन पर विशेष कुंभ ट्रेनों की भीड़ अधिक थी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
कैसे हुई भगदड़?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा तब हुआ जब प्रयागराज जाने वाली महाकुंभ स्पेशल ट्रेन के आने की घोषणा हुई। श्रद्धालु जल्दी से ट्रेन पकड़ने के लिए आगे बढ़ने लगे, लेकिन भीड़ इतनी अधिक थी कि लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे। इसी दौरान किसी यात्री के गिरने से भगदड़ मच गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
हादसे के समय स्टेशन पर मौजूद एक श्रद्धालु रामस्वरूप तिवारी ने बताया,
“हम सभी कुंभ में स्नान के लिए जा रहे थे। स्टेशन पर इतनी भीड़ थी कि पैर रखने की जगह नहीं थी। अचानक लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे और भगदड़ मच गई। कई लोग नीचे गिर गए और उनके ऊपर लोग चढ़ते गए।”
मौतों और घायलों की स्थिति
रेलवे और पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक घायल हैं। घायलों को लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल और राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सरकारी प्रतिक्रिया
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा,
“नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई इस दुखद घटना से गहरा आघात पहुंचा है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं, और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
रेलवे प्रशासन की लापरवाही?
यह हादसा रेलवे की अव्यवस्था और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करता है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे प्रशासन को पहले से ही महाकुंभ के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने चाहिए थे। लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं थे, जिससे यह घटना हुई।
आगे की कार्रवाई
सरकार और रेलवे प्रशासन ने इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निम्नलिखित कदम उठाने का आश्वासन दिया है:
स्टेशन पर सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
फुटओवर ब्रिज और प्लेटफॉर्म पर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
यात्रियों के लिए अलग-अलग गेट और मार्ग तय किए जाएंगे।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई यह भगदड़ रेलवे की लापरवाही और अव्यवस्था का नतीजा है। इस घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालु प्रयागराज महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने जा रहे थे, लेकिन अव्यवस्थित भीड़ प्रबंधन ने उनकी यात्रा को दुर्भाग्यपूर्ण बना दिया। अब देखने वाली बात यह होगी कि रेलवे प्रशासन इस हादसे से क्या सबक लेता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

