गाजीपुर, 22 मार्च 2025 | The KN News
गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के उचौरी गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद ग्रामीणों ने मुआवजा, सरकारी नौकरी और दोषियों के फुल एनकाउंटर की मांग को लेकर चक्का जाम कर दिया। करणी सेना और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों के साथ मिलकर ग्रामीणों ने गाजीपुर-वाराणसी हाईवे को जाम कर प्रदर्शन किया।
प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
हत्या के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था, लेकिन जब तक पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और न्याय का आश्वासन नहीं मिला, तब तक उन्होंने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। शनिवार सुबह जब प्रशासन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, तभी करणी सेना और क्षत्रिय महासभा के नेताओं ने ग्रामीणों से बातचीत की। उनकी प्रमुख मांगें थीं:
20 लाख रुपये का मुआवजा
सरकारी नौकरी
दोषियों का फुल एनकाउंटर
परिवार को सुरक्षा
चक्का जाम और प्रशासन की भूमिका
ग्रामीणों ने मृतकों के शवों को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पुलिस अधिकारी पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण डीएम को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
करीब एक घंटे बाद अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने लगे। इसके बाद डीएम ने टेलीफोनिक वार्ता कर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
कैबिनेट मंत्री का दौरा और आश्वासन
शवों के अंतिम संस्कार के लिए परिवार तैयार हुआ, जिसके बाद दोनों शवों को सेंटर से जोहरगंज श्मशान घाट लाया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर भी पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और सरकार उनके साथ न्याय करेगी।
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