10 अप्रैल, गाज़ीपुर:
आज दोपहर गाज़ीपुर जिले में तेज़ आंधी-तूफान और मूसलधार बारिश ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। अचानक छाए अंधेरे और तेज़ हवाओं के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
बिजली के पोल और पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हुआ और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं।
किसानों के चेहरों पर चिंता साफ देखी जा सकती है। सालभर की मेहनत और उनकी उम्मीदों पर जैसे पानी फिरता नज़र आ रहा है। तेज़ हवाओं और ओलावृष्टि ने फसल को ज़मीन पर बिछा दिया है, जिससे कटाई से पहले ही भारी नुकसान होने की आशंका है।
कई किसानों ने बताया कि यह मौसम उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण समय था, लेकिन अब उन्हें सरकार से मदद की आस है। इस आपदा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बदलते मौसम के बीच किसानों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन की ओर से अभी तक नुकसान का आकलन जारी है। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में जुटे हैं, लेकिन हालात सामान्य होने में समय लग सकता है।
The KN News

