गाजीपुर,
गाजीपुर जिले के सादात थाना क्षेत्र अंतर्गत टाड़ा बैरख में शनिवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक सात वर्षीय छात्र और एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने बहरियाबाद-गाजीपुर मार्ग पर शव रखकर घंटों तक चक्काजाम कर दिया।
हादसे का विवरण
शनिवार की शाम करीब चार बजे टाड़ा बैरख में बिल्डिंग मटीरियल लदा एक ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। यह ट्रैक्टर चकफरीद स्थित एक दुकान से सामग्री लेकर बख्शुपुर (हुरमुजपुर) की ओर जा रहा था। उसी समय बैरख निवासी डेनियल (7) और उनका भाई अनुग्रह (10) पास ही ट्यूशन पढ़ने के लिए पैदल जा रहे थे। ट्रैक्टर पलटने से डेनियल उसकी चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे में ट्रैक्टर पर सवार मजदूर गरीब राम (55), जो बहरियाबाद थानाक्षेत्र के चकफरीद गांव निवासी थे, ट्रॉली के नीचे दब गए। उन्हें भी गंभीर चोटें आईं। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों में मचा कोहराम, पुलिस मौके पर पहुंची
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया। गरीब राम का शव लेकर परिजन सादात थाने पहुंचे और न्याय की मांग की। वहीं डेनियल के शव को ग्रामीणों ने सड़क पर रखकर शाम छह बजे से बहरियाबाद-गाजीपुर मुख्य मार्ग पर जाम कर दिया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को शांत करने में जुट गई।
पुलिस की कार्रवाई
सीओ सैदपुर अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। परिजनों से तहरीर प्राप्त कर ली गई है और उसके आधार पर विधिक कार्यवाही की जाएगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मासूम की मौत से गांव में शोक
सात वर्षीय डेनियल के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई और एक बहन हैं। मासूम की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। वहीं, मजदूर गरीब राम की भी गांव में काफी पहचान थी। दोनों की मौत ने स्थानीय लोगों को गहरा सदमा पहुंचाया है।
सवालों के घेरे में ट्रैक्टर चालकों की लापरवाही
स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर चालक तेज रफ्तार में वाहन चला रहे थे और लोड क्षमता से अधिक सामान लादने के कारण यह हादसा हुआ। यह लापरवाही अब दो निर्दोष जानों के जाने का कारण बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए।

