रिपोर्ट: द KN न्यूज़ ब्यूरो | स्थान: नई दिल्ली | तारीख: 03 जून 2025
दिल्ली में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां डीयू की एक छात्रा की उसके ही दोस्त ने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके के संजय वन जंगलों की है, जहां आरोपी ने छात्रा को चाकुओं से गोदकर उसकी निर्मम हत्या की और फिर जुर्म छुपाने के लिए शव को आग के हवाले करने की कोशिश की।
❖ दोस्त बना हैवान: कैसे हुआ हत्याकांड?
18 वर्षीय महक, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। वह मूल रूप से मथुरा (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली थी और फिलहाल अपने परिवार के साथ दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में रहती थी। शनिवार और रविवार को उसकी क्लास होती थी।
22 वर्षीय आरोपी अर्शकीरत भी उसी संस्थान का छात्र है और रानीबाग में अपने परिवार के साथ रहता है। दोनों की दोस्ती एक साल पहले हुई थी, लेकिन हाल के दिनों में महक के परिवार द्वारा दूरी बनाए जाने के बाद अर्श इस कदर बौखला गया कि उसने यह जघन्य अपराध कर डाला।
❖ वारदात का दिन: कैसे हुआ खुलासा?
रविवार सुबह महक ने कॉलेज जाने की बात कहकर घर से निकलने के बाद संजय वन में अर्श से मुलाकात की। वहां दोनों के बीच बहस हुई और इसी दौरान अर्श ने अपने पास पहले से लाया हुआ चाकू निकाला और महक पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हत्या के बाद उसने पेट्रोल डालकर शव को जलाने की भी कोशिश की।
दोपहर करीब ढाई बजे अर्श के पिता ने महक की मां को फोन कर बताया कि उनकी बेटी ने दो लड़कों को बुलाकर अर्श पर चाकू चलवाए हैं। तभी पीछे से अर्श की आवाज आई कि उसने महक को चाकू मारे हैं। यह सुनकर महक के परिवार में हड़कंप मच गया और वे तुरंत महरौली थाने पहुंचे।
❖ 18 घंटे की तलाश, फिर मिला अधजला शव
महक के माता-पिता, प्रीति और राकेश, पुलिस के साथ लगातार 18 घंटे तक बेटी को ढूंढते रहे। इस दौरान संजय वन में भी तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। आरोपी अर्श वीडियो कॉल पर लगातार परिवार को गुमराह करता रहा। पुलिस की शुरुआती लापरवाही भी इस दौरान उजागर हुई।
बाद में थाना प्रभारी के हस्तक्षेप से तीन टीमें गठित की गईं। सोमवार सुबह अर्श को रानीबाग स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने संजय वन से महक का अधजला शव बरामद किया।
❖ पहले से रची थी साजिश
पूछताछ में अर्श ने बताया कि वह पहले से ही चाकू और पेट्रोल लेकर आया था। उसने संजय वन में महक को बुलाया और फिर बातचीत के दौरान गुस्से में हत्या कर दी। बाद में खुद भी घायल हुआ और इलाज के लिए रोहिणी के एक अस्पताल में भर्ती हुआ। उसके बाद घर लौटकर उसने पिता को पूरी बात बताई।
❖ सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
संजय वन के गेट नंबर-5 पर लगे सीसीटीवी कैमरों से यह स्पष्ट हुआ कि अर्श सुबह 8:30 बजे वहां पहुंचा और महक 9:45 बजे। दोनों अंदर गए, लेकिन 12:57 बजे अर्श अकेला और जख्मी हालत में बाहर आता दिखा। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसे धर दबोचा।
❖ पुलिस की लापरवाही और सीमा विवाद
महक का शव महरौली और किशनगढ़ थाना क्षेत्र के बीच मिला, जिससे दोनों थानों की पुलिस में सीमा विवाद हो गया। करीब दो घंटे तक यही तय होता रहा कि एफआईआर कौन दर्ज करेगा। अंततः वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर महरौली थाने में अपहरण और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
❖ पहले भी कर चुका था बदसलूकी
जांच में यह भी सामने आया कि जब महक के परिवार ने अर्श से दूरी बनाने को कहा था, तब वह उनके घर पहुंच गया था और महक की मां से अभद्रता की थी। बाद में माफी मांगते हुए पैरों में गिर पड़ा था। लेकिन इस घटना से यह साफ है कि वह भीतर ही भीतर बदले की आग में जल रहा था।
कब जागेगा समाज?
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर से दोस्ती और भरोसे के मायनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पढ़ी-लिखी लड़की, जिसने सिर्फ अपने भविष्य को बेहतर बनाने का सपना देखा था, उसे उसके ही परिचित ने इतनी बेरहमी से मार डाला।
अब सवाल उठता है कि हमारे समाज में लड़कियों की सुरक्षा को लेकर हम कितने गंभीर हैं? क्या युवाओं में मानसिक विकृति इस हद तक बढ़ गई है कि मामूली असहमति जानलेवा साबित हो रही है?
❖ प्रशासन से सवाल
- पुलिस की शुरुआती लापरवाही क्यों?
- क्या सीमाओं के नाम पर जांच टालना स्वीकार्य है?
- ऐसे मानसिक विकार वाले युवाओं की पहचान और इलाज को लेकर कोई नीति क्यों नहीं?
अगर आप इस मुद्दे पर अपनी राय साझा करना चाहते हैं या किसी जानकारी से अवगत कराना चाहते हैं, तो हमें जरूर लिखें।

