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अकेलेपन से टूटा CA: 25 साल के धीरज ने हीलियम गैस से की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- “मौत मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत हिस्सा है”

नई दिल्ली | KN News डेस्क

देश की राजधानी दिल्ली से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट ने अपने जीवन को अलविदा कह दिया। सिर्फ 25 साल की उम्र में, हरियाणा निवासी धीरज कंसल ने बंगाली मार्केट स्थित एक गेस्ट हाउस में हीलियम गैस के ज़रिये आत्महत्या कर ली। इस दुर्लभ और बेहद घातक तरीके से की गई खुदकुशी ने पुलिस, फॉरेंसिक टीम और लोगों को स्तब्ध कर दिया है।

घटना का पूरा विवरण

बाराखंभा थाना पुलिस को सोमवार को बंगाली मार्केट के एक गेस्ट हाउस से पीसीआर कॉल मिली। कॉल करने वाले ने बताया कि एक कमरा अंदर से बंद है और वहां से संदिग्ध बदबू आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस व दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और जब गेस्ट हाउस के पहले माले के उस कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, तो धीरज कंसल का शव बिस्तर पर पीठ के बल पड़ा मिला

शव के पास ही हीलियम गैस का सिलिंडर, पतली नीली पाइप, मास्क और एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। धीरज ने गले में मास्क पहन रखा था, जो सिलिंडर से जुड़ा था। उसका चेहरा प्लास्टिक शीट से लिपटा हुआ था और गर्दन के पास सील की गई थी।

सुसाइड नोट में क्या लिखा था?

धीरज का अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट पुलिस ने उसके दाहिने हाथ के नीचे से बरामद किया। नोट में लिखा था:

“प्लीज मेरी मौत पर दुखी मत होना। मेरे लिए, मौत मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत हिस्सा है। आत्महत्या करना बुरा नहीं है क्योंकि मुझ पर किसी की जिम्मेदारी नहीं थी और मैं किसी से बहुत जुड़ा हुआ नहीं था। मेरी वजह से कोई डिप्रेशन में नहीं जाएगा।”

धीरज ने आगे लिखा कि वह फेसबुक पर पोस्ट डालने की कोशिश करेगा, लेकिन यदि पोस्ट न मिले तो यह सुसाइड नोट उसका अंतिम बयान माना जाए। उसने साफ किया कि उसकी मौत के लिए किसी को दोषी न ठहराया जाए।

धीरज का पारिवारिक और निजी जीवन

जांच में पता चला कि धीरज के पिता का देहांत वर्ष 2003 में हो गया था, और इसके बाद उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी। उसका कोई भाई या बहन नहीं था। वह दिल्ली के महिपालपुर इलाके के एक पीजी में रह रहा था और निजी तौर पर चार्टर्ड अकाउंटेंसी का कार्य कर रहा था।

पुलिस को उसके चाचा और चचेरे भाई घटनास्थल पर मिले, जो पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल हुए।

हीलियम गैस से आत्महत्या: एक दुर्लभ और खौफनाक तरीका

विशेषज्ञों के अनुसार, हीलियम एक निष्क्रिय गैस होती है, जो शरीर में जाकर ऑक्सीजन की आपूर्ति रोक देती है, जिससे दम घुटने से मौत हो जाती है। यह बिना तड़प और पीड़ा के एक घातक अंत का कारण बनता है। भारत में इस प्रकार की आत्महत्या के केस बेहद कम सामने आए हैं, और यह मामला राजधानी दिल्ली में पहला बताया जा रहा है।

गेस्ट हाउस में ठहराव और पुलिस कार्रवाई

धीरज ने 1 BHK रूम 28 जुलाई तक बुक किया था। गेस्ट हाउस मालिक ने बताया कि सोमवार को उसे चेकआउट करना था। जब धीरज ने दरवाजा नहीं खोला और कमरे से बदबू आने लगी, तब उन्होंने पुलिस को सूचित किया।

पुलिस ने एफएसएल टीम और दमकल विभाग की मदद से कमरे का एक प्रवेश द्वार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। शव को लेडी हार्डिंग अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

क्या कहता है समाज और विशेषज्ञ वर्ग?

मनोविज्ञानियों का कहना है कि अकेलापन और सामाजिक कटाव युवाओं में आत्मघाती प्रवृत्तियों को जन्म दे सकता है। धीरज के मामले में यह स्पष्ट है कि पारिवारिक विछोह और भावनात्मक जुड़ाव की कमी ने उसे अंदर ही अंदर तोड़ दिया था।

मनोचिकित्सक के अनुसार:

“हीलियम से आत्महत्या करना आम नहीं है। यह एक योजनाबद्ध और इंटरनेट-प्रेरित तरीका है। ऐसे मामलों में व्यक्ति पूरी तरह से भावनात्मक रूप से टूट चुका होता है और जीवन के प्रति उसकी धारणा नकारात्मक हो जाती है।”

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