पटना, : 70वीं बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) प्रारंभिक परीक्षा में नॉर्मलाइज़ेशन की प्रक्रिया का विरोध कर रहे छात्रों के समर्थन में सामने आए खान सर को पटना पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह घटना पटना के गर्दनीबाग इलाके की है, जहाँ सैकड़ों छात्र उनके समर्थन में इकट्ठा हो गए थे।
नॉर्मलाइज़ेशन का विरोध
BPSC की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में नॉर्मलाइज़ेशन की प्रक्रिया को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली है। छात्रों का आरोप है कि नॉर्मलाइज़ेशन के कारण उनकी मेहनत और प्रदर्शन का सही मूल्यांकन नहीं हो पा रहा है, जिससे कई योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है। नॉर्मलाइज़ेशन की प्रक्रिया में विभिन्न परीक्षा सेट्स के बीच अंक समान्य किए जाते हैं, लेकिन छात्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया उनके आत्मविश्वास और प्रदर्शन को गलत तरीके से आंकती है।
खान सर का समर्थन
इस मुद्दे को लेकर खान सर, जो कि एक लोकप्रिय शिक्षक और यूट्यूब के माध्यम से छात्रों के बीच प्रसिद्ध हैं, ने खुलकर छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई थी। खान सर ने बीपीएससी के इस फैसले को अनुचित और छात्रों के भविष्य के लिए खतरे की घंटी बताया था। उन्होंने कहा था, “हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक आयोग अपना रुख नहीं बदल देता।”
खान सर का यह समर्थन छात्रों के बीच एक आंदोलन का रूप ले चुका था। पटना सहित बिहार के विभिन्न हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, और यह आंदोलन तेज़ी से फैलता जा रहा था। छात्रों का कहना था कि बीपीएससी को अपनी नीति में बदलाव करना चाहिए, ताकि हर उम्मीदवार को समान और निष्पक्ष अवसर मिल सके।
हिरासत में लिया गया
खान सर की इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी के बाद पटना पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उन्हें गर्दनीबाग थाने में स्थानांतरित कर दिया, जहाँ उनके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। थाने के बाहर सैकड़ों छात्र जमा हो गए, जो खान सर की रिहाई की मांग कर रहे थे और विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए थे।
छात्रों की प्रतिक्रिया
खान सर की गिरफ्तारी के बाद छात्रों में गुस्से का माहौल बन गया है। कई छात्रों ने यह दावा किया कि खान सर की गिरफ्तारी उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश है, जबकि खान सर केवल उनके हक में खड़े थे। छात्रों का कहना है कि अगर बीपीएससी ने नॉर्मलाइज़ेशन की प्रक्रिया में बदलाव नहीं किया, तो उनका आंदोलन और भी तेज़ हो सकता है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
पुलिस ने खान सर की गिरफ्तारी को एक शांति बनाए रखने की कोशिश के रूप में पेश किया। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता थी। हालांकि, खान सर और उनके समर्थक इसे उत्पीड़न के रूप में देख रहे हैं।
आगे का रास्ता
खान सर और छात्रों के बीच समर्थन बढ़ने के बाद, यह सवाल उठता है कि बीपीएससी इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाएगा। छात्रों का कहना है कि वे तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक आयोग नॉर्मलाइज़ेशन प्रक्रिया में बदलाव नहीं करता। ऐसे में यह देखना होगा कि इस आंदोलन का भविष्य क्या होगा और क्या आयोग अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा।
इस घटना ने बिहार के शिक्षा प्रणाली और BPSC की परीक्षा प्रक्रिया को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब तक, यह साफ नहीं है कि बीपीएससी और राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाएगी, लेकिन छात्रों और खान सर के समर्थन में बढ़ते हुए आंदोलन से यह स्पष्ट हो रहा है कि यह मामला जल्द सुलझने वाला नहीं है।


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