गाजीपुर: परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के नाम को विद्यालय से हटाने के फैसले पर बढ़ते विरोध के बाद प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। जनआक्रोश और परिजनों की नाराजगी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से विद्यालय पर फिर से वीर अब्दुल हमीद का नाम लिखवाने का निर्णय लिया।
जनता और परिजनों का संघर्ष रंग लाया
जब वीर अब्दुल हमीद उच्च प्राथमिक विद्यालय, धामूपुर (पहला) का नाम बदलकर “पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय” कर दिया गया था, तब यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ने लगा। वीर अब्दुल हमीद के परिवारजनों और स्थानीय लोगों ने इसे शहीद के सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया और इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाई।प्रशासन का यू-टर्न
लगातार विरोध और जनभावनाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अपने फैसले को वापस लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह नाम परिवर्तन किसी दुर्भावना से नहीं किया गया था, लेकिन जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए वीर अब्दुल हमीद का नाम विद्यालय पर पुनः लिखवाया गया है।
राजनीतिक और सामाजिक दबाव का असर
इस फैसले पर कई राजनीतिक दलों, संगठनों और आम जनता ने सवाल उठाए थे। कई नेताओं ने इसे शहीद के प्रति असम्मानजनक करार दिया और सरकार से तत्काल सुधार की मांग की। अंततः शिक्षा विभाग को बैकफुट पर आना पड़ा और वीर अब्दुल हमीद का नाम फिर से विद्यालय पर अंकित कर दिया गया।
वीर शहीद का सम्मान बना रहेगा
स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि वीर अब्दुल हमीद देश के लिए गर्व की बात हैं और उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। परिजनों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में शहीदों के नाम के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
यह घटना दर्शाती है कि जनता की एकता और संघर्ष से प्रशासन को अपने गलत निर्णय को वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सकता है। वीर अब्दुल हमीद का नाम अब फिर से विद्यालय की दीवारों पर चमक रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान की याद दिलाता रहेगा।#GhazipurCity #GhazipurNews #VeerAbdulHamid #ShahidKaSamman

