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भगोड़ा हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार, भारत की प्रत्यर्पण अपील के बाद बड़ी कार्रवाई

🗓️ प्रकाशित: 14 अप्रैल 2025 | लेखक:The KN News संवाददाता

ब्रसेल्स/नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी भारत सरकार की प्रत्यर्पण अपील के बाद की गई बड़ी कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है। 65 वर्षीय चोकसी को शनिवार को गिरफ्तार किया गया और वह इस समय बेल्जियम की जेल में बंद है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के संयुक्त प्रयासों से यह गिरफ्तारी संभव हुई। अधिकारियों ने बेल्जियम सरकार से चोकसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद बेल्जियम की पुलिस ने मुंबई अदालत के दो गिरफ्तारी वारंट के आधार पर उसे हिरासत में लिया। ये वारंट क्रमशः 23 मई 2018 और 15 जून 2021 को जारी किए गए थे।

स्वास्थ्य कारणों से जमानत की संभावना

मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने पुष्टि की है कि उनके मुवक्किल की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने बताया कि चोकसी कैंसर का इलाज करवा रहा है और इसी आधार पर बेल्जियम की अदालत में जमानत याचिका दायर की जाएगी।

13,500 करोड़ के घोटाले का मुख्य आरोपी

मेहुल चोकसी PNB बैंक घोटाले में अपने भांजे नीरव मोदी के साथ मुख्य आरोपी है। यह घोटाला 2018 में उजागर हुआ था, जब मुंबई की ब्रैडी हाउस शाखा से फर्जी एलओयू (Letter of Undertaking) और FLC (Foreign Letter of Credit) के जरिए 13,500 करोड़ रुपये का ऋण घोटाला किया गया था।

सीबीआई और ईडी ने चोकसी, उनकी कंपनी गीतांजलि जेम्स, और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। आरोप है कि बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर विदेशी बैंकों से पैसे लिए गए, जिसकी भरपाई बाद में पीएनबी को करनी पड़ी।

एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता

भारत से भागने के बाद मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली थी। वहीं की सरकार ने भी यह माना है कि वह अब उस द्वीप देश में नहीं है और विदेश में इलाज करवा रहा है। हालांकि, अब वह बेल्जियम के एंटवर्प शहर में अपनी पत्नी प्रीति चोकसी के साथ रह रहा था।

नीरव मोदी अभी भी लंदन की जेल में बंद

वहीं नीरव मोदी को लंदन में 2019 में गिरफ्तार किया गया था और वह अभी भी भारत प्रत्यर्पण का विरोध कर रहा है। उसके खिलाफ भी कई आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं।

क्या है एलओयू?

एलओयू वह दस्तावेज होता है जिसके जरिए एक बैंक अपने ग्राहक के लिए किसी विदेशी बैंक को भुगतान की गारंटी देता है। पीएनबी ने जिन एलओयू के आधार पर विदेशी बैंकों से पैसे लिए, उनके भुगतान में चूक होने के कारण बैंक को 6,344.97 करोड़ रुपये की भरपाई करनी पड़ी।

ईडी की बड़ी कार्रवाई

ईडी ने अब तक मेहुल चोकसी की 2,565.90 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। भारत सरकार अब चोकसी को प्रत्यर्पण के जरिए भारत लाने की पूरी कोशिश में है, ताकि उसे कानून के तहत सजा दिलाई जा सके।

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