📅 14 अप्रैल 2025 | नई दिल्ली | ब्यूरो रिपोर्ट
देश में स्टार्टअप्स को नई उड़ान देने के लिए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के फंड के साथ एक नई फंड ऑफ फंड्स स्कीम (FFS) की घोषणा की है। इस स्कीम का एक बड़ा हिस्सा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नई युग की तकनीकों और मशीन निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों को समर्पित किया जाएगा।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, यह पहल भारत को तकनीकी नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का इरादा है कि इस फंड के ज़रिए उभरते उद्यमियों को आवश्यक पूंजी और मार्गदर्शन मिल सके।
💡 2016 में शुरू हुई थी पहली FFS योजना
पहली बार इस प्रकार की योजना वर्ष 2016 में लाई गई थी, जिसका प्रबंधन भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) द्वारा किया गया था। इसमें सेबी-पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) को निवेश के लिए पूंजी दी जाती है, जो आगे चलकर स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि दूसरी योजना का प्रबंधन भी सिडबी द्वारा ही किए जाने की संभावना है। इससे भारत में एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम के निर्माण में मदद मिलेगी।
🧠 एआई और नई तकनीकों को प्राथमिकता
सरकारी बयान के अनुसार, “हम इस फंड का बड़ा हिस्सा एआई, मशीन निर्माण और नई तकनीकों के लिए समर्पित करने जा रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि भारत वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का नेतृत्व करे।”
📈 स्टार्टअप इंडिया से अब तक 1.5 लाख से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता
सरकार की स्टार्टअप इंडिया पहल, जिसकी शुरुआत 16 जनवरी 2016 को हुई थी, अब तक देशभर में 55 से अधिक उद्योगों में 1,50,000 से अधिक संस्थाओं को स्टार्टअप के रूप में मान्यता दे चुकी है। ये इकाइयां टैक्स लाभ, सरकारी प्रोत्साहन और अन्य सहूलियतों का लाभ उठा रही हैं।
🚀 क्या है आगे की राह?
सरकार की यह नई पहल न केवल निवेशकों के लिए नए अवसर खोलती है, बल्कि युवा उद्यमियों को अपने इनोवेटिव आइडियाज को हकीकत में बदलने का मौका भी देती है। आने वाले वर्षों में इस फंड के परिणामस्वरूप भारत के स्टार्टअप परिदृश्य में एक नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है।

