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विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, “#269 साइनिंग ऑफ” कहते हुए दी विदाई

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से तत्काल प्रभाव से संन्यास की घोषणा कर दी है। सोमवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश के साथ यह जानकारी साझा की। कोहली के इस फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। महज कुछ सप्ताह बाद भारत को इंग्लैंड दौरे पर जाना था, लेकिन उससे पहले कोहली का यह फैसला चौंकाने वाला है।

14 साल का गौरवशाली सफर

कोहली ने कहा, “14 साल पहले जब मैंने पहली बार टेस्ट क्रिकेट में भारत की कैप पहनी थी, तब मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह सफर मुझे इतना कुछ सिखाएगा। यह फॉर्मेट मेरे लिए हमेशा खास रहेगा। यह कठिन रहा, लेकिन यही असली क्रिकेट है। मैंने इसे अपना सब कुछ दिया है, और इसने मुझे उससे कहीं ज्यादा लौटाया है।”

कोहली ने अपने टेस्ट करियर में 113 मैचों में 9230 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 46.8 का रहा है। वह भारत के लिए टेस्ट में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे स्थान पर हैं, उनसे आगे हैं सचिन तेंदुलकर (15,921), राहुल द्रविड़ (13,265) और सुनील गावस्कर (10,122)।

कैप्टन कोहली – भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान

कोहली ने 2014 से 2022 तक भारत की कप्तानी की और इस दौरान भारत को 68 टेस्ट में 40 जीत दिलाई। यह एक रिकॉर्ड है। उनके नेतृत्व में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2018-19 में उनके ही घर में टेस्ट सीरीज़ हराई – जो इतिहास में पहली बार हुआ था। साथ ही, भारत पांच साल तक टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 रहा।

करियर की ऊंचाइयाँ और चुनौतीपूर्ण दौर

कोहली ने टेस्ट करियर की शुरुआत 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ की थी। 2014 में इंग्लैंड दौरे पर उनका खराब प्रदर्शन हुआ, लेकिन 2018 में उसी इंग्लैंड में उन्होंने 593 रन बनाकर आलोचकों को करारा जवाब दिया। 2016 उनके करियर का स्वर्णिम वर्ष रहा, जिसमें उन्होंने 1215 रन बनाए और कई शतक जड़े।

हालांकि 2020 के बाद से उनका प्रदर्शन कुछ धीमा हो गया। लंबे समय तक शतक न आने की वजह से आलोचना भी हुई। लेकिन उन्होंने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक लगाकर अपने आलोचकों को फिर से शांत किया।

टीम इंडिया के लिए एक युग का अंत

विराट कोहली के साथ ही रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन भी टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं। चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे पहले ही टीम से बाहर हैं। ऐसे में आगामी इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम का अनुभवहीन होना निश्चित है। रवींद्र जडेजा अब सबसे अनुभवी खिलाड़ी होंगे।

कोहली अब केवल वनडे क्रिकेट पर ध्यान देंगे और 2027 वर्ल्ड कप को अपना अगला लक्ष्य मान रहे हैं।

एक युग का समापन

कोहली का टेस्ट से संन्यास न केवल आंकड़ों की बात है, बल्कि यह उस जुनून, नेतृत्व और आक्रामकता का अंत भी है जो उन्होंने भारतीय क्रिकेट में लेकर आए। वह हमेशा टेस्ट क्रिकेट के सच्चे समर्थक रहे, और जब बाकी खिलाड़ी इस फॉर्मेट से दूर हो रहे थे, कोहली ने इसे सर्वोच्च स्थान दिया।

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