गोंडा। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। गोंडा जिले से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिला अध्यक्ष अमरकिशोर बम बम का एक महिला कार्यकर्ता के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद सियासी हलकों में खलबली मच गई है। यह वीडियो कथित रूप से भाजपा कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में अमरकिशोर बम बम को एक महिला कार्यकर्ता के साथ रात के समय कार्यालय में प्रवेश करते और ऊपर की मंजिल की ओर जाते हुए देखा गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना 12 अप्रैल की रात लगभग 9:30 बजे की है। इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा के स्थानीय और प्रांतीय संगठन को असहज स्थिति में डाल दिया है।
📹 वायरल वीडियो का विवरण
वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अमरकिशोर बम बम अपनी निजी कार से एक महिला को साथ लेकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। कार्यालय परिसर में दाखिल होने के बाद दोनों सीढ़ियों से ऊपर की मंजिल पर जाते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिससे भाजपा संगठन की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
🗣️ जिला अध्यक्ष की सफाई
मीडिया और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बीच अमरकिशोर बम बम ने अपनी सफाई में कहा,
“यह वीडियो मेरा ही है और दिनांक 12 अप्रैल का है। उस दिन महिला कार्यकर्ता की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उसे चक्कर आ रहे थे और वह कुछ देर के लिए आराम करना चाहती थी। मैंने मानवीय आधार पर उसकी मदद की थी।”
उन्होंने आगे कहा कि यह सारा मामला एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
“कुछ लोग लगातार मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे नहीं चाहते कि मैं जिले में पार्टी का नेतृत्व करता रहूं।”
🔍 संगठन की गंभीर प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले को भाजपा संगठन ने गंभीरता से लिया है। पार्टी के विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो की जानकारी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को दे दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भेजी गई है। इस रिपोर्ट में शिकायत, वीडियो की सत्यता और संबंधित पक्षों से मिली जानकारी को संकलित किया गया है। अब संगठन की ओर से अगली कार्रवाई का इंतजार है।
🛑 संगठन की छवि पर सवाल
यह घटना भाजपा की जिला इकाई के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लपकते हुए भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी असमंजस और नाराजगी का माहौल है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मामला उच्च स्तरीय जांच तक पहुंचता है, तो भाजपा के प्रदेश नेतृत्व को बड़े निर्णय लेने पड़ सकते हैं, जिनमें जिला अध्यक्ष को पद से हटाना भी शामिल हो सकता है।
अमरकिशोर बम बम का वायरल वीडियो न सिर्फ व्यक्तिगत छवि को प्रभावित कर रहा है, बल्कि इससे संगठन की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे समय में जब लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं, भाजपा के लिए इस तरह के विवाद नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।
अब देखना यह है कि पार्टी का नेतृत्व इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या जिला संगठन में कोई बड़ी सर्जरी होती है या मामला यहीं शांत हो जाएगा।
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