देवघर (झारखंड), 29 जुलाई 2025 — सावन माह में बाबा बैद्यनाथ धाम जा रहे श्रद्धालुओं के लिए झारखंड के देवघर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। मंगलवार तड़के देवघर के मोहनपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया इलाके में एक निजी बस और गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रक की टक्कर में कम से कम पांच कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि 23 से अधिक लोग घायल हो गए। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि कई घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
कैसे हुआ हादसा?
घटना मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे की है, जब देवघर से बासुकीनाथ धाम दर्शन के लिए जा रही तीर्थयात्रियों से भरी बस का चालक नियंत्रण खो बैठा और बस गैस सिलेंडर से लदे एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर के बाद बस पास में रखे ईंट के ढेर से भी जा भिड़ी। मौके पर चीख-पुकार मच गई। बस का चालक मौके पर ही दम तोड़ बैठा, जबकि चार अन्य श्रद्धालुओं की भी मौत की पुष्टि हुई है।
देवघर के एसडीओ (सदर) रवि कुमार ने बताया कि शवों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया है और घायलों का इलाज चल रहा है। वहीं, देवघर के डिप्टी कमिश्नर के मुताबिक 9 गंभीर रूप से घायलों को एम्स, देवघर रेफर किया गया है।
प्रशासन अलर्ट पर
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने देवघर के सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। ट्रैफिक पुलिस एसपी लक्ष्मण प्रसाद ने मीडिया से कहा कि हादसे में मृतकों की संख्या पांच से अधिक हो सकती है। दुमका जोन के आईजी शैलेंद्र कुमार ने भी हादसे की पुष्टि की है और कहा कि राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
निशिकांत दुबे का दावा: 18 मौतें हुईं
वहीं, इस हादसे को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में कहा है कि, “मेरे लोकसभा क्षेत्र देवघर में श्रावण मास के दौरान कांवड़ यात्रा में हुई इस दुर्घटना में 18 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। बाबा बैद्यनाथ सभी दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति दें।” हालांकि, अभी तक प्रशासन ने 18 मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
श्रावण मास में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावण मास के पवित्र अवसर पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं और देवघर में जल अर्पण करते हैं। ऐसे में इस हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है।
प्रशासन की चुनौती
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और लगातार बढ़ते सड़क हादसों की संख्या ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल सावन के दौरान खास इंतजाम करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इस बार भी एक बड़ा हादसा हो गया।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और घायलों के समुचित इलाज की मांग की है। कई लोगों ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता यातायात व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की भी मांग की है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक झारखंड सरकार की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन या किसी मंत्री की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, संभावना है कि जल्द ही मुआवजा राशि और जांच की घोषणा की जा सकती है।

