लखनऊ | 08 अगस्त 2025
उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रायबरेली में हाल ही में उन पर हुए कथित हमले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह हमला भाजपा के संरक्षण में पले गुंडे-माफियाओं द्वारा कराया गया, जिनका उद्देश्य विपक्ष के नेताओं को डराना और चुप कराना है।
लखनऊ स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में मौर्य ने कहा,
“ये तो अच्छा हुआ कि मैंने अपनी यात्रा की सूचना पहले ही प्रशासन को दे दी थी, नहीं तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। मौके पर मेरे समर्थक और पुलिसकर्मी मौजूद थे, जिसकी वजह से बड़ी घटना टल गई।”
कानून व्यवस्था पर सीधा हमला
पूर्व मंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को ध्वस्त बताते हुए कहा कि भाजपा संरक्षित अपराधी अब विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा के स्थानीय नेता भी शामिल हैं।
“भाजपा सरकार के मंत्री और विधायक तक इस सरकार से संतुष्ट नहीं हैं। सत्ता पक्ष के विधायकों के साथ भी मारपीट हुई है, लेकिन एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई। खासतौर पर पिछड़े वर्ग और एससी-एसटी समाज से आने वाले विधायकों को निशाना बनाया गया है,” मौर्य ने कहा।
सत्ता पक्ष में असंतोष के संकेत
मौर्य ने दावा किया कि भाजपा के अंदर भी असंतोष पनप रहा है और कई विधायक मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली से नाराज़ हैं। उनका कहना है कि सत्ता पक्ष के नेताओं के साथ हो रही मारपीट यह साबित करती है कि प्रदेश में न तो आम जनता सुरक्षित है, न ही जनप्रतिनिधि।
राजनीतिक तापमान चढ़ा
स्वामी प्रसाद मौर्य के इन आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी माहौल और गरमा गया है। विपक्ष इन बयानों को हथियार बनाकर भाजपा सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में है, वहीं भाजपा की तरफ से अभी तक इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह विवाद आने वाले समय में और गहराएगा, क्योंकि प्रदेश में लगातार विपक्षी नेताओं पर हमलों के आरोप लग रहे हैं और सत्ता पक्ष की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।

