जम्मू, 27 अगस्त 2025 | The KN News
जम्मू शहर मंगलवार को मूसलाधार बारिश और तवी नदी में अचानक बढ़े जलस्तर से दहशत के माहौल में रहा। सबसे ज्यादा असर राजीव कॉलोनी और जम्मू विश्वविद्यालय क्षेत्र पर देखने को मिला। तेज बहाव और जलभराव के कारण सैकड़ों परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
सिर पर गठरी, कंधे पर बच्चे, और आंखों में डर
बारिश और बाढ़ ने लोगों की जिंदगी उलट-पुलट कर दी। राजीव कॉलोनी में हालात ऐसे बने कि कोई सिर पर गठरी उठाकर भाग रहा था तो कोई कंधे पर बच्चों को लेकर पानी से बाहर निकलने की कोशिश करता नजर आया। तेज बारिश और सड़कों पर जमा पानी ने राहत कार्यों को और मुश्किल कर दिया।
करीब एक घंटे की बारिश में कॉलोनी की निचली गलियों में तीन फीट से ज्यादा पानी भर गया। घरों का सामान बह गया और खड़ी गाड़ियां पानी में तैरती दिखीं।
विश्वविद्यालय के हॉस्टल खाली
बाढ़ का खतरा बढ़ता देख प्रशासन ने जम्मू विश्वविद्यालय के हॉस्टल खाली करवाए। छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। वहीं, साइंस कॉलेज और आसपास के छात्रावासों में भी जलभराव हुआ। विश्वविद्यालय के कई छात्र स्थानीय लोगों की मदद के लिए राजीव कॉलोनी पहुंचे और परिवारों को घरों से बाहर निकालने में सहयोग किया।
300 से ज्यादा परिवार प्रभावित
राजीव कॉलोनी तवी नदी और जम्मू विश्वविद्यालय के बीच बसी हुई है। यहां करीब 300 से अधिक परिवार रहते हैं, जिनमें से अधिकांश किराए पर रह रहे हैं। बाढ़ का पानी घरों के निचले हिस्से तक पहुंच गया जिससे भारी नुकसान हुआ। कई परिवार केवल जरूरी सामान ही बचा पाए।
सतपाल सिंह, विजय कुमार, सीमा देवी, मोनिका और कासिम जैसे प्रभावित लोगों ने बताया कि उनका घर पानी में डूब गया और बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई।
पुल धंसा, दुकानों के शटर गिरे
दोपहर बाद भगवती नगर तवी पुल का एक हिस्सा धंसने की खबर फैलते ही शहर में अफरातफरी मच गई। तवी नदी के अन्य पुलों पर भी आवागमन रोक दिया गया। डर और अनिश्चितता के माहौल में शहर के ज्यादातर बाजार दोपहर दो बजे तक बंद हो गए।
रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, राजेंद्र बाजार, कनक मंडी, शालामार, मोती बाजार समेत अन्य हिस्सों में दुकानों के शटर गिरते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। लोग जल्दी-जल्दी घरों की ओर निकलने लगे, जिससे शहर के चारों हिस्सों में भारी जाम लग गया।
शमशान घाट तक में पानी
तवी और देविका नदियों के उफान का असर इतना रहा कि देविका नदी के तट पर बने श्मशान घाट भी जलमग्न हो गए। गुज्जर नगर इलाके में घरों में पानी घुसने से कई परिवारों की महिलाएं और बच्चे रोते-बिलखते नजर आए।
प्रशासन अलर्ट पर
प्रशासन ने तवी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अलर्ट जारी किया है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे जम्मू-कश्मीर के लिए चुनौती भरे हो सकते हैं।

