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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: आज शाम 4 बजे होगा तारीखों का ऐलान, छठ के बाद दो चरणों में हो सकता है मतदान


मुख्य बातें

  • निर्वाचन आयोग आज शाम 4 बजे करेगा प्रेस कॉन्फ्रेंस
  • इस बार तीन की जगह दो चरणों में हो सकता है चुनाव
  • छठ पर्व के बाद पहले चरण में होंगे उत्तरी और मध्य जिले शामिल
  • नई व्यवस्था के तहत लागू होंगी 17 नई पहलें
  • पहली बार 100% मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग सुविधा

बिहार चुनाव की उलटी गिनती शुरू

बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि आज शाम 4 बजे निर्वाचन आयोग (ECI) बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का औपचारिक ऐलान करने जा रहा है। चुनावी सरगर्मियों के बीच पूरे राज्य की निगाहें अब आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं।

अमर उजाला और अन्य सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में तीन के बजाय दो चरणों में चुनाव कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। चुनाव आयोग ने यह निर्णय राज्य के प्रवासी मतदाताओं की छठ पूजा के बाद घर वापसी को ध्यान में रखकर लिया है।


छठ के बाद बढ़ेगी मतदाता भागीदारी

जानकारी के अनुसार, पहला चरण छठ (27-28 अक्तूबर) के तुरंत बाद कराया जा सकता है। आयोग के सूत्रों का मानना है कि छठ पर्व के बाद उत्तर और मध्य बिहार के जिलों में प्रवासियों की वापसी से मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

निर्वाचन आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने हाल ही में बिहार में दो दिनों तक चुनावी तैयारियों की समीक्षा की थी। टीम रविवार को पटना से दिल्ली लौटी और रिपोर्ट आयोग को सौंपी।


नई व्यवस्था के तहत होगा चुनाव

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आयोग 17 नई पहलें लागू करने जा रहा है — जिनमें कुछ मतदान प्रक्रिया से पहले, कुछ दौरान और कुछ प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावी होंगी।

उन्होंने बताया कि इस बार 100% मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग सुविधा होगी ताकि मतदान की निगरानी अधिक पारदर्शी तरीके से की जा सके।


22 नवंबर से पहले होंगे चुनाव

बिहार विधानसभा की 243 सीटों का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। इसलिए आयोग इसी तिथि से पहले चुनाव संपन्न कराने की योजना पर काम कर रहा है।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस बार राज्य की मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) किया गया है — जो 22 साल बाद पहली बार इतनी गहराई से हुआ है।

उन्होंने बताया, “SIR के तहत मतदाता सूची को शुद्ध किया गया है, ताकि डुप्लिकेट और गैर-मौजूद नाम हटाए जा सकें। ये प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कानूनी और आवश्यक दोनों है।”


17 नई पहलें – बिहार मॉडल बनेगा पूरे देश के लिए

सीईसी ने कहा कि बिहार चुनाव में लागू की जा रही 17 नई पहलें आने वाले समय में पूरे देश में दोहराई जाएंगी। इनमें शामिल हैं:

  • मतदाता पंजीकरण के 15 दिनों के भीतर पहचान पत्र जारी करना
  • सभी मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा
  • नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) ताकि मतदान सुचारू और पारदर्शी हो
  • मतदाताओं की रियल-टाइम निगरानी और सुरक्षा प्रबंधन

नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया जारी

आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी को मतदाता सूची से नाम जुड़ने या हटने पर आपत्ति है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील कर सकता है। नामांकन से 10 दिन पहले तक मतदाता सूची में सुधार संभव रहेगा।


बदलते बिहार की ओर एक नया कदम

इस बार बिहार चुनाव न केवल राजनीतिक रूप से बल्कि तकनीकी और पारदर्शिता के दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक साबित हो सकता है। वेबकास्टिंग, डिजिटल पहचान, और सख्त एसओपी जैसी व्यवस्थाएं चुनाव प्रक्रिया को और विश्वसनीय बनाएंगी।

छठ पर्व के बाद होने वाला यह चुनाव राज्य की जनता के लिए एक बड़ा अवसर होगा — अपने प्रदेश की दिशा तय करने का, अपने नेता चुनने का और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी दर्ज करने का।


अब सबकी निगाहें शाम 4 बजे की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर

आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शाम 4 बजे दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन (निर्वाचन आयोग मुख्यालय) में होगी। संभावना है कि इस दौरान

  • दो चरणों की मतदान तिथि,
  • मतगणना की तारीख,
  • आचार संहिता लागू होने का समय,
    और
  • राज्यवार सुरक्षा व्यवस्था की रूपरेखा
    का ऐलान किया जाएगा।

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