लखनऊ, The KN News ब्यूरो | 14 अक्टूबर 2025
समाजवादी पार्टी (सपा) की महिला इकाई में अचानक बड़ा फेरबदल किया गया है। सपा की समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव मुस्कान मिश्रा को उनके पद से हटा दिया गया है। इस संबंध में महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष जूही सिंह ने आदेश जारी कर दिया है।
पार्टी के इस कदम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि मुस्कान मिश्रा कुछ दिनों पहले अयोध्या के प्रसिद्ध महंत राजू दास से मुलाकात करने गई थीं, जिसके बाद सपा के अंदर हलचल बढ़ गई थी। हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक रूप से इस मुलाकात को कारण नहीं बताया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसी के बाद यह निर्णय लिया गया।
🔹 जूही सिंह का बयान — “शादी की तैयारी में हैं मुस्कान, उन्होंने खुद मांगा था अवकाश”
इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए जूही सिंह ने कहा कि मुस्कान मिश्रा ने खुद ही पद से मुक्त करने का अनुरोध किया था क्योंकि उनकी जल्द ही शादी होने वाली है।
“मुस्कान की शादी होने जा रही है, उन्होंने खुद कहा था कि फिलहाल वे संगठनात्मक जिम्मेदारियां नहीं निभा पाएंगी, इसलिए उन्हें केवल पद से मुक्त किया गया है। वे अब भी समाजवादी पार्टी की सक्रिय सदस्य हैं,” — जूही सिंह ने कहा।
🔹 मुलाकात से शुरू हुआ था विवाद
सूत्रों के अनुसार, मुस्कान मिश्रा की अयोध्या यात्रा और महंत राजू दास से हुई मुलाकात ने पार्टी के कुछ नेताओं को असहज कर दिया था। महंत राजू दास अक्सर समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व की आलोचना करते रहे हैं। ऐसे में सपा की एक पदाधिकारी का उनसे मिलना कई नेताओं को नागवार गुज़रा।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस मुलाकात के बाद से ही संगठन के अंदर मुस्कान के व्यवहार और निर्णयों पर सवाल उठने लगे थे।
🔹 मुस्कान मिश्रा — सपा की युवा और सक्रिय चेहरा
मुस्कान मिश्रा को सपा की महिला इकाई में एक युवा और ऊर्जावान चेहरा माना जाता रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और पार्टी के कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी के कारण वे चर्चा में रहती थीं।
उन्होंने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर कई बार सपा के मंच से मुखर होकर अपनी राय रखी थी।
🔹 सियासी हलचल और सोशल मीडिया चर्चा
जैसे ही मुस्कान मिश्रा को पद से हटाए जाने की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर इस पर जोरदार बहस शुरू हो गई।
कुछ यूज़र्स ने इसे “महंत से मुलाकात का असर” बताया, तो कुछ ने कहा कि “पार्टी में निजी रिश्तों को गलत तरीके से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।”
दूसरी ओर, मुस्कान मिश्रा ने इस पर अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है।
🔹 सपा में हाल के दिनों में बढ़ी अनुशासनात्मक कार्रवाइयाँ
गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में समाजवादी पार्टी ने अपने कई पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
पार्टी नेतृत्व ने साफ संदेश दिया है कि संगठन के नियमों से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह किसी भी स्तर का नेता हो।
मुस्कान मिश्रा का मामला भी इसी सख्ती की कड़ी में देखा जा रहा है, हालांकि जूही सिंह के बयान ने मामले को “सौहार्दपूर्ण त्यागपत्र” का रूप देने की कोशिश की है।
🔹 आगे क्या?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, महिला सभा में जल्द ही नई राष्ट्रीय सचिव की नियुक्ति की जा सकती है।
वहीं, मुस्कान मिश्रा शादी के बाद दोबारा सक्रिय राजनीति में लौटेंगी या नहीं — यह देखना दिलचस्प होगा।
सपा की यह कार्रवाई जहां पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा बताई जा रही है, वहीं सियासी गलियारों में इसे मुस्कान मिश्रा की हालिया मुलाकात से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सबकी नज़र इस पर है कि मुस्कान खुद कब सामने आकर अपनी चुप्पी तोड़ती हैं।

