लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में समाजवादी पार्टी (SP) पर जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने संस्थापक डॉ. राम मनोहर लोहिया के सिद्धांतों और आदर्शों से अपना मार्ग बदल लिया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आज उन मूल्यों से विमुख हो चुकी है, जिन्हें लोहिया जी ने देश की एकता और सामाजिक न्याय के लिए स्थापित किया था।
डॉ. लोहिया के सिद्धांतों को भुलाया
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में अपनी बात रखते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी आज डॉ. राम मनोहर लोहिया के सिद्धांतों को भूल चुकी है। लोहिया जी ने हमेशा समाज में समानता, एकता और भाईचारे की बात की थी, लेकिन आज समाजवादी पार्टी इन सिद्धांतों से पूरी तरह से भटक चुकी है। पार्टी का वर्तमान नेतृत्व उन आदर्शों को नकारते हुए केवल अपनी राजनीति को मजबूत करने के लिए समाज में विभाजन की कोशिश कर रहा है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी देश की धार्मिक और सांस्कृतिक एकता से खेल रही है। उन्होंने कहा, “लोहिया जी ने हमेशा भारतीय समाज की विविधता और एकता को सर्वोपरि माना था, लेकिन आज समाजवादी पार्टी अपने कार्यों और विचारों से इसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। यह पार्टी धार्मिक विश्वासों और सामाजिक समरसता के खिलाफ काम कर रही है।”
समाजवादी पार्टी के वर्तमान नेतृत्व पर निशाना
योगी ने समाजवादी पार्टी के वर्तमान नेतृत्व पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी ने अपने संस्थापक डॉ. लोहिया के सिद्धांतों को त्याग दिया है। उन्होंने कहा, “आज की समाजवादी पार्टी ने अपने मूल आदर्शों को छोड़ दिया है और यह पार्टी अब अपनी राजनीति को केवल विभाजन और संघर्ष पर आधारित करने की कोशिश कर रही है। लोहिया जी का आदर्श समाजवाद था, जिसमें सभी वर्गों और समुदायों को समान अधिकार और सम्मान मिलता था।”
विपक्ष के आरोपों का जवाब
समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा और योगी सरकार पर कई बार सांप्रदायिक होने का आरोप लगाया गया है, इस पर भी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हमने हमेशा ‘सबका साथ, सबका विश्वास’ की नीति को अपनाया है। हम किसी भी वर्ग या धर्म के खिलाफ नहीं हैं। भाजपा का विचार हमेशा समावेशी और एकता पर आधारित रहा है। अगर समाजवादी पार्टी हमें सांप्रदायिक कहती है, तो यह उनका राजनीति करने का तरीका है।”
सामाजिक न्याय की बात
योगी ने कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा सामाजिक न्याय और समावेशिता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा, “हमने समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से पिछड़े और दलित वर्गों के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। हमारी सरकार ने गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सुधार शामिल है।”
समाजवादी पार्टी का भविष्य
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पार्टी ने अपने सिद्धांतों को फिर से नहीं अपनाया, तो उसका भविष्य अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी को अपने संस्थापक के आदर्शों की ओर लौटने की जरूरत है, अन्यथा वह राजनीतिक बुरे दौर से नहीं निकल पाएगी।”
योगी आदित्यनाथ का यह बयान समाजवादी पार्टी की राजनीति और उसके विकास के मार्ग पर गंभीर सवाल उठाता है। जहां एक ओर उन्होंने भाजपा की समावेशी और एकता की नीति का जोर दिया, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के वर्तमान नेतृत्व को अपनी राजनीतिक दिशा पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि समाजवादी पार्टी इस चुनौती का कैसे जवाब देती है और क्या वह अपने सिद्धांतों की ओर लौटने के लिए कदम उठाएगी।

