गाजीपुर, 5 मार्च 2025: गाजीपुर जिले में एक दिलचस्प और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति ने जेल से फोन कर ठगी और धमकी देने का आरोप लगाया है। यह मामला पूर्वी चंपारण (बिहार) के निवासी श्याम कुमार द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे से जुड़ा हुआ है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 9.80 लाख रुपये ठग लिए गए थे।
क्या है पूरा मामला?
श्याम कुमार ने अपनी तहरीर में बताया कि विनोद गुप्ता नामक व्यक्ति ने उन्हें सरकारी नौकरी दिलवाने का वादा किया था और इसके बदले उनसे कुल 9.80 लाख रुपये ले लिए थे। लेकिन जब श्याम कुमार को यह नौकरी नहीं मिली, तो उन्होंने इस बारे में पुलिस में शिकायत की और रेवतीपुर थाना में एक मुकदमा दर्ज करवाया।
वर्तमान में विनोद गुप्ता जेल में बंद है और वह कथित रूप से 19 फरवरी को जेल से बाहर अपने सहयोगियों के माध्यम से श्याम कुमार को धमकी देने का प्रयास कर रहा था। आरोप है कि विनोद गुप्ता ने जेल से श्याम कुमार को फोन करके कहा कि वह मुकदमा वापस ले और झूठी गवाही दे, इसके बदले उसे दो लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा।
धमकी और झूठी गवाही का आरोप
पुलिस द्वारा जांच में यह भी सामने आया है कि श्याम कुमार के घर पर भी कुछ लोग पहुंचे थे, जिन्होंने मुंह बांधकर धमकी दी। श्याम कुमार और उनका परिवार भयभीत हो गए थे, जिससे उन्होंने जल्द ही पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
इस पूरे मामले की जांच के दौरान पुलिस को दो आडियो क्लिप भी प्राप्त हुईं, जिनमें विनोद गुप्ता के सहयोगी श्याम कुमार से यह कह रहे थे कि “दो लाख रुपये पहले ले लो और कोर्ट में झूठी गवाही दे दो, बाकी रुपये बाद में दे दिए जाएंगे।”
जेल प्रशासन का दावा और पुलिस की जांच
जेल प्रशासन का कहना है कि विनोद गुप्ता ने जेल के पीसीओ से फोन किया था, जो पंजीकृत मोबाइल नंबर था। हालांकि, पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि जो मोबाइल नंबर शिकायतकर्ताओं के पास था, वह इस मामले से संबंधित था। इसके आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की है और अब यह स्पष्ट हो रहा है कि यह सब किसी निजी मोबाइल से किया गया था।
पुलिस का बयान
गाजीपुर के एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि इस मामले की गहन जांच चल रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी। पुलिस इस मामले में तेजी से काम कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न केवल एक ठगी और धमकी का है, बल्कि यह दर्शाता है कि अपराधी अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किस हद तक जा सकते हैं। पुलिस की जांच अभी जारी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह घटना समाज में अपराधियों की धृष्टता और उनके द्वारा किए जा रहे अपराधों की गंभीरता को उजागर करती है, साथ ही यह भी दिखाती है कि कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए पुलिस को अपना कार्य सख्ती से करना होगा।

