गाजीपुर के नंदगंज स्थित कोटा ग्लोबल स्कूल बाघी ने अपनी स्थापना के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में वार्षिक महोत्सव का भव्य आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जिले के गणमान्य अतिथियों, राजनीतिक हस्तियों और समाजसेवियों ने भाग लिया और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ और मुख्य अतिथि
इस आयोजन का शुभारंभ गंगा बाबा आश्रम के सर्वाकार श्री भोला बाबा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर इस्लामाबाद के प्रधान श्री रामज्ञान सिंह यादव ने मंच संचालन किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत स्कूल के संस्थापक अभय नाथ यादव, प्रबंधक सुजीत यादव और प्रधानाचार्य पुनीता सिंह ने किया।
इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में गाजीपुर सदर के विधायक माननीय जै किशन साहू उपस्थित थे। उनके साथ ही पूर्व सांसद माननीय जगदीश कुशवाहा, पूर्व विधायक माननीय उमाशंकर कुशवाहा, समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष रामधारी सिंह यादव, भाजपा लोकसभा उम्मीदवार परसनाथ राय, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, महामंत्री दया शंकर पांडेय, सपा के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर सादात, सपा नेता जवाहर यादव सहित जिले के कई प्रमुख राजनेता, समाजसेवी और शिक्षाविद उपस्थित रहे।
गणमान्य अतिथियों का सम्मान
प्रबंधक सुजीत यादव ने सभी अतिथियों को माला, फूल, गमछा और शॉल देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कोटा ग्लोबल स्कूल ने मात्र तीन वर्षों में शानदार शिक्षा प्रदान कर गाजीपुर और आसपास के शहरों में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनका लक्ष्य हर गाँव और हर घर से डॉक्टर और इंजीनियर तैयार करना है, जिससे जिले का नाम पूरे देश में रोशन हो सके।
कोटा ग्लोबल स्कूल का मिशन
कोटा ग्लोबल स्कूल की यह पहल न केवल जिले के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह गाजीपुर को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई पर ले जाने का प्रयास भी है। स्कूल प्रशासन और प्रबंधक सुजीत यादव ने आश्वासन दिया कि आने वाले वर्षों में वे शिक्षा के क्षेत्र में और भी नए आयाम जोड़ेंगे और विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
गाजीपुर में कोटा ग्लोबल स्कूल का यह वार्षिक महोत्सव विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे आयोजनों से न केवल छात्रों को प्रेरणा मिलती है, बल्कि समाज भी शिक्षा के महत्व को समझता है और उसमें योगदान देने के लिए प्रेरित होता है।

