📍 स्थान: भालखी माजरा, जिला रेवाड़ी (हरियाणा)
📆 तारीख: 4 अप्रैल 2025
📝 रिपोर्टर: The KN News डेस्क
गुजरात के जामनगर में क्रैश हुआ जगुआर फाइटर जेट, सिद्धार्थ यादव हुए शहीद
भारतीय वायुसेना के जांबाज़ फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव 2 अप्रैल को जामनगर में जगुआर लड़ाकू विमान की दुर्घटना में शहीद हो गए। दुर्घटना उस समय हुई जब विमान ने जामनगर एयरबेस से रूटीन ट्रेनिंग फ्लाइट भरी थी।
सिद्धार्थ का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव भालखी माजरा (रेवाड़ी) लाया गया, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, माहौल ग़मगीन हो गया।
💔 मंगेतर की करुण पुकार: ‘बेबी तू आया नहीं मुझे लेने…’
सिद्धार्थ की मंगेतर सानिया उन्हें देखकर बिलख पड़ीं। उन्होंने अपने शहीद मंगेतर से कहा:
“बेबी, तू आया नहीं मुझे लेने… तूने कहा था तू आएगा।”
उनकी यह भावुक पुकार वहां मौजूद सभी लोगों का दिल चीर गई। आंखों में आंसू लिए हर कोई स्तब्ध था। सिद्धार्थ और सानिया की सगाई 23 मार्च को हुई थी, और शादी इसी साल 2 नवंबर को तय थी।
👩👦👦 मां बेहोश, पिता का टूटा सपना
सिद्धार्थ की मां बेटे का पार्थिव शरीर देखकर बेहोश हो गईं। उन्हें एयरफोर्स के जवानों ने सिद्धार्थ की टोपी और फोटो सौंपा।
पिता सुशील यादव ने कहा, “मेरा सपना था कि बेटा एक दिन चीफ ऑफ एयर स्टाफ बने। वो सपना अधूरा रह गया।”
सिद्धार्थ यादव के दादा, परदादा, पिता सभी सेना से जुड़े रहे हैं — उनका परिवार सैन्य परंपरा का गौरवशाली प्रतीक रहा है।
🎖️ शौर्यगाथा: सिद्धार्थ का सफर
वर्ष 2016 में सिद्धार्थ ने एनडीए पास किया था।
तीन साल की कठिन ट्रेनिंग के बाद भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट बने।
उन्हें दो साल पहले फ्लाइट लेफ्टिनेंट का प्रमोशन मिला था।
वह अपने परिवार के इकलौते बेटे थे, उनकी एक छोटी बहन भी है।
🙏 पूरा गांव अंतिम विदाई में उमड़ा
सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से अंतिम दर्शन किए।
पूर्व मंत्री बनवारी लाल, बावल विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, एसडीएम सुरेंद्र सिंह, और डीएसपी जोगेंद्र शर्मा समेत कई अधिकारी श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
🕊️ The KN News की ओर से श्रद्धांजलि
सिद्धार्थ यादव की शहादत देश के लिए अमूल्य बलिदान है। उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति को The KN News शत शत नमन करता है। उनकी यादें हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी।

