लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर बीजेपी सरकार पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव के समय राज्य में ‘निवेश’ (Investment) लाने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में ‘विनाश’ (Destruction) लेकर आई है।
अखिलेश ने Invest UP में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सोलर मैन्युफैक्चरिंग परियोजना के मूल्यांकन में भ्रष्टाचार सामने आया है। इस मामले में एक कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद Invest UP के पूर्व CEO अभिषेक प्रकाश को निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार कर्मचारी रिश्वत के पैसे के बंटवारे को लेकर विवाद के कारण पकड़ा गया, और वह कई बड़े अधिकारियों के लिए बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था।
अखिलेश यादव ने कहा, “जो सरकार दावा करती थी कि भ्रष्टाचारियों को ‘पाताल’ से भी निकाल लाएंगे, वह अब मुख्यमंत्री आवास में छिपे लोगों को नहीं देख पा रही।”
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार निवेश के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है, और शेयर बाजार में गिरावट इस बात का संकेत है कि लोग अब अपना पैसा वापस खींच रहे हैं।
अमेरिका की व्यापार नीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम उठा सकता है, तो भारत सरकार को भी वैसी ही रणनीति अपनानी चाहिए।”
किसान और अधोसंरचना पर सवाल
अखिलेश यादव ने गेहूं की खरीद बंद किए जाने और निजी कंपनियों को अनुमति देने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को नुकसान होगा, ना कि फायदा।
उन्होंने सरकार के एक्सप्रेसवे निर्माण के दावे पर भी तंज कसते हुए कहा कि “एक जगह बोर्ड पर लिखा था कि 6 एक्सप्रेसवे पूरे हो चुके हैं और 7 निर्माणाधीन हैं, लेकिन सरकार कहती है कि 17 पूरे हो चुके हैं। यह गणित समझ से परे है।”
अन्नया को दी किताबें और बैग
इसके साथ ही, अखिलेश यादव ने उस 8 साल की बच्ची अन्नया को किताबें और स्कूल बैग भेंट किया, जिसकी झुग्गी अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जल गई थी। बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह जलती झोपड़ी से अपनी किताबें और बैग निकालती दिखी थी।
अखिलेश ने मांग की कि ऐसी पीड़ित झुग्गी बस्तियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान दिए जाएं।

